वरिष्ठ नागरिकों ने रेल किराए में रियायत बहाल करने की मांग उठाई, नागदा में सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
नागदा। रेल यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वरिष्ठ नागरिक संगठन तथा जन जागृति मंच के सदस्यों ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रतिनिधि नागदा रेलवे स्टेशन अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां अधीक्षक श्री मुंशीलाल मीणा के सहायक श्री त्रिलोकनाथ पासवान को मांग पत्र दिया गया। रेलवे महाप्रबंधक और केंद्रीय रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन में किराए में रियायत बहाल करने, लोअर बर्थ उपलब्ध कराने तथा स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि बढ़ती उम्र में रेल यात्रा के दौरान कई व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। टिकट लेने से लेकर ट्रेन में चढ़ने और सीट तक पहुंचने में बुजुर्ग यात्रियों को सहायता की जरूरत होती है। ऐसे में रेलवे की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
रेल किराए में रियायत फिर शुरू करने की मांग
ज्ञापन में प्रमुख रूप से वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व में मिलने वाली रेल किराए की रियायत दोबारा शुरू करने की मांग उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि कोरोना काल से पहले मिलने वाली इस सुविधा के बंद होने से बुजुर्ग यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। संगठन ने सरकार से इस विषय पर विचार कर राहत देने का आग्रह किया।
इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के महिला और पुरुष यात्रियों को निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा देने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिक उम्र के नागरिकों की आर्थिक स्थिति और यात्रा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर सुविधाएं तय की जानी चाहिए।
लोअर बर्थ और अलग जनरल कोच की मांग
वरिष्ठ नागरिकों ने मांग की कि उन्हें यात्रा के दौरान लोअर बर्थ उपलब्ध कराई जाए। संगठन के अनुसार, ऊपरी बर्थ पर चढ़ना और उतरना बुजुर्ग यात्रियों के लिए कठिन होता है। इसलिए आरक्षण व्यवस्था में उनकी उम्र और शारीरिक कठिनाइयों का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग जनरल कोच लगाने का प्रस्ताव भी दिया गया। सदस्यों ने कहा कि यह कोच ट्रेन के मध्य में होना चाहिए, जिससे बुजुर्ग यात्रियों को सुविधा मिल सके। संगठन ने रेल यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आग्रह किया।
टिकट खिड़की नियमित खुली रखने पर जोर
स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए निर्धारित टिकट खिड़की नियमित रूप से खुली रखने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि विशेष श्रेणी के यात्रियों को टिकट लेने के लिए परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
संगठन ने नागदा और रतलाम के बीच दोपहर में ट्रेन सुविधा का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में दावा किया गया कि संबंधित समयावधि में यात्री ट्रेनों के बीच लंबा अंतर होने से नागरिक परेशान होते हैं। सदस्यों ने इस दौरान अतिरिक्त यात्री ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी।
आरपीएफ के चालान को लेकर जताई आपत्ति
ज्ञापन में आरपीएफ द्वारा किए जाने वाले चालान का विषय भी शामिल रहा। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना था कि टिकट आरक्षण कराने में कई बार 10 से 15 मिनट लग जाते हैं। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में लगाए जाने वाले 500 रुपये के आर्थिक दंड पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
रेलवे कार्यालय में ज्ञापन का वाचन यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक एल.एन. भावसार ने किया। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, श्री पासवान ने मांगों को सुना और ज्ञापन संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजने की बात कही। सदस्यों ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया।
सांसद प्रतिनिधि को भी सौंपी प्रतिलिपि
रेलवे कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के सांसद श्री अनिल फिरोजिया के नाम उसकी प्रतिलिपि सांसद प्रतिनिधि एवं नगर पालिका की जल समिति के सभापति प्रकाश जैन को सौंपी। यहां ज्ञापन का वाचन जन जागृति मंच के पूर्व अध्यक्ष विजय व्यास ने किया। संगठन ने सांसद स्तर से भी मांगों पर पहल करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर के.के. श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह बुंदेला, नरेंद्र यादव, मुकेश खटाना, सुरेश उपाध्याय, अरुण पोद्दार, कैलाश भानूपा, आर.के. बैंडवाल, सुरेश शर्मा, चैन सिंह रघुवंशी, सुरेश रघुवंशी, रमेश पाल, मोहनलाल पांचाल, सुभाष व्यास, एस.एन. शर्मा और एन.के. गरवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
दोनों स्थानों पर ज्ञापन कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता सी.एल. वर्मा ने किया। उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने एकजुट होकर केंद्र और प्रदेश सरकार से रेलवे में बुजुर्ग यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने तथा मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
