नागदा में सकल हिंदू सामाजिक समिति ने शस्त्र एवं शास्त्र पूजन कर शक्ति आराधना की। धर्म-संस्कृति संरक्षण का संकल्प लिया। कन्या पूजन और महाआरती के साथ समापन हुआ।
सकल हिंदू समाज ने शस्त्र एवं शास्त्र पूजन कर की शक्ति आराधना, धर्म-संस्कृति की रक्षा का लिया संकल्प
नागदा में शस्त्र-शास्त्र की महत्ता पर हुआ प्रबोधन, कन्या पूजन एवं मां शक्ति की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन
दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता निलेश मेहता, नागदा
नागदा। सकल हिंदू सामाजिक समिति, नागदा के तत्वावधान में गुरुवार को जवाहर मार्ग स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में शस्त्र एवं शास्त्र पूजन के साथ शक्ति आराधना का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मां शक्ति की विधि-विधान से आराधना कर धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया गया।
वैदिक परंपराओं के साथ हुआ शस्त्र एवं शास्त्र पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शक्ति के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने कुमकुम, अबीर, गुलाल और पुष्प अर्पित कर मां शक्ति की आराधना की। इसके पश्चात पारंपरिक विधि-विधान से शस्त्र एवं शास्त्र पूजन किया गया। आयोजन स्थल मां शक्ति के जयकारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने धर्म की विजय, अधर्म के नाश और विश्व कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में शक्ति और ज्ञान के समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कार, शिक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता आवश्यक है।
शस्त्र राष्ट्र की सुरक्षा और शास्त्र संस्कारों के संरक्षण का आधार : विशाल बहल
कार्यक्रम में विशाल बहल ने शस्त्र एवं शास्त्र की महत्ता पर प्रबोधन देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में दोनों का विशेष स्थान है। शस्त्र राष्ट्र की सुरक्षा और आत्मरक्षा का प्रतीक हैं, जबकि शास्त्र ज्ञान, संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि जिस समाज के पास शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान नहीं होता, उसके लिए अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करना कठिन हो जाता है। प्रत्येक नागरिक को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना चाहिए। ज्ञान और शक्ति का संतुलित उपयोग ही समाज को सशक्त और संगठित बनाता है।
जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, हिंदू जागरण मंच के भेरूलाल टाक, पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत, कार्यक्रम संयोजक बजरंग सिंह चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओमप्रकाश गेहलोत और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विजय पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त योगेश जोनवाल, सीएम अतुल, भैरू सिंह चौहान, हनुमान प्रसाद शर्मा, निलेश मेहता, अशोक शर्मा, माहेश्वरी समाज अध्यक्ष अशोक बिसानी, किराना व्यापारी संघ अध्यक्ष मनीष ओरा, विनय लकी गुर्जर, अशोक सोनी, कमल जैन, सुबोध स्वामी, देवेंद्र सेन, रमेश प्रजापत, गोविंद मोहता, हरिकिशन लोहारवाड़, रूपम सिंह ठाकुर, लखन गुर्जर और संदीप परोसिया सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
कन्या पूजन और महाआरती के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का संचालन मनोज सोनी ने किया। आयोजन के दौरान धर्म, संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जुड़े प्रेरणादायी संदेश दिए गए। उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन कन्या पूजन एवं मां शक्ति की महाआरती के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने मां शक्ति से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम की जानकारी संयोजक बजरंग सिंह चौहान ने दी।




