रोगी कल्याण समिति नागदा की बैठक में कई अहम फैसले, दिसंबर तक नए अस्पताल भवन को शुरू करने पर जोर
सोनोग्राफी और सीटी स्कैन की सुविधा बढ़ाने का प्रस्ताव, रूट कैनाल ट्रीटमेंट न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने की तैयारी; आईसीयू का पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन
संवाददाता: प्रमोद कुमार जैन
नागदा। सरकारी अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को लंबे अंतराल के बाद सर्किट हाउस में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधायक डॉ. तेज बहादुर चौहान ने की। बैठक में सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, निर्माणाधीन नवीन भवन को जल्द पूरा करने और मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा सरकारी अस्पताल के निर्माणाधीन नवीन भवन का रहा। अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने बताया कि भवन का कुछ निर्माण कार्य अभी अधूरा है। यदि स्वीकृत राशि में से शेष राशि उपलब्ध हो जाती है तो आवश्यक अधूरे कार्यों को पूरा कर भवन को संचालन के लिए तैयार किया जा सकता है। अतिरिक्त कार्यों के लिए बाद में अलग से राशि स्वीकृत कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
दिसंबर तक नए भवन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में निर्माणाधीन नवीन भवन का काम दिसंबर तक पूरा कर सरकारी अस्पताल का संचालन नए भवन से शुरू करने पर जोर दिया गया। विधायक डॉ. तेज बहादुर चौहान ने इस संबंध में जिला प्रशासन और भोपाल स्तर पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।
नए भवन के शुरू होने के बाद मरीजों को बेहतर वातावरण और अधिक व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में जनपद पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह पंवार, एसडीएम रंजना पाटीदार, लालसिंह आंजना, ओमप्रकाश चौहान, बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत, डॉ. गौरव पटेल, अनोखीलाल प्रजापत, संतोष जोशी और नितेश उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी एवं समिति सदस्य मौजूद रहे।
अब आम मरीजों के लिए भी शुरू होगी सोनोग्राफी सुविधा
बैठक में सोनोग्राफी सेवा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में सरकारी अस्पताल में मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। अब इसे आम मरीजों के लिए भी शुरू करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए निजी विशेषज्ञ सोनोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट से अनुबंध कर अस्पताल परिसर में निर्धारित न्यूनतम दर पर सोनोग्राफी सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। सेवा की दर जल्द निर्धारित किए जाने की बात कही गई।
इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को सोनोग्राफी के लिए निजी संस्थानों में जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें सरकारी अस्पताल परिसर में ही जांच की सुविधा मिल सकेगी।
नए अस्पताल भवन में सीटी स्कैन की सुविधा का प्रस्ताव
रोगी कल्याण समिति की बैठक में निर्माणाधीन नवीन अस्पताल भवन में सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया। वर्तमान में नागदा शहर में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को जांच के लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ता है।
औद्योगिक शहर नागदा में स्थानीय स्तर पर सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर और आपातकालीन मरीजों के त्वरित परीक्षण में मदद मिल सकती है। बैठक में बताया गया कि शासन की पीपीपी मॉडल योजना के तहत जिला चिकित्सालयों में सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
नागदा की आबादी और औद्योगिक महत्व के साथ-साथ आगामी सिंहस्थ आयोजन को देखते हुए नवीन अस्पताल भवन में सीटी स्कैन सेवा स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
न्यूनतम दर पर रूट कैनाल ट्रीटमेंट की सुविधा
सरकारी अस्पताल में दंत चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में भी निर्णय लिया गया। बैठक में अस्पताल में उपलब्ध डेंटल चेयर और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए रूट कैनाल ट्रीटमेंट सहित अन्य दंत चिकित्सा सेवाएं न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रस्ताव के अनुसार रूट कैनाल ट्रीटमेंट के लिए करीब 1,500 रुपये की निर्धारित दर पर सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि वर्तमान में यह सुविधा जिला चिकित्सालय में भी उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी संस्थानों में उपचार कराने पर करीब 2,500 से 3,000 रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है।
सरकारी अस्पताल में कम दर पर यह सुविधा मिलने से आम मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
आईसीयू का पीपीपी मॉडल पर संचालन प्रस्तावित
बैठक में अस्पताल में उपलब्ध 6 बेड के आईसीयू को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बताया गया कि आईसीयू के लिए सीएसआर मद से उपकरण और स्थान उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण इसका पूरी क्षमता से उपयोग नहीं हो पा रहा है।
इसे देखते हुए आईसीयू को पीपीपी मॉडल के माध्यम से संचालित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया। उद्देश्य यह है कि गंभीर मरीजों को नागदा में ही बेहतर उपचार सुविधा मिल सके और उन्हें गंभीर स्थिति में दूसरे शहरों के अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम हो।
बंद पड़े पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को फिर शुरू करने की तैयारी
कोविड-19 महामारी के दौरान स्थापित किए गए पीएसए ऑक्सीजन प्लांट के पुनः संचालन का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। समिति ने प्लांट को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कार्रवाई करने का प्रस्ताव पारित किया।
अस्पताल में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता गंभीर और आपातकालीन मरीजों के उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्लांट के दोबारा शुरू होने से अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अनुपयोगी सामग्री की पारदर्शी नीलामी का निर्णय
बैठक में अस्पताल परिसर के पुराने भवन में पड़ी अनुपयोगी लोहे, लकड़ी और अन्य कबाड़ सामग्री के निस्तारण पर भी चर्चा हुई। समिति ने ऐसी सामग्री की पारदर्शी नीलामी के माध्यम से निस्तारण करने का प्रस्ताव पारित किया।
इससे अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से जमा सामग्री को हटाने के साथ-साथ उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
अस्पताल की जमीन से बिजली कंपनी कार्यालय हटाने का प्रस्ताव
बैठक में अस्पताल परिसर की जमीन से संबंधित एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी सामने आया। अस्पताल की भूमि पर संचालित बिजली कंपनी के कार्यालय को हटाने के संबंध में प्रस्ताव रखा गया। समिति ने अस्पताल की जमीन का उपयोग मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई करने पर चर्चा हुई।
स्थानीय मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर जोर
रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य नागदा के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और मरीजों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक उपचार उपलब्ध कराना रहा। सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, दंत चिकित्सा, रूट कैनाल, आईसीयू और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाओं के विस्तार से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और निर्माणाधीन नवीन अस्पताल भवन को जल्द से जल्द पूरा कर मरीजों के लिए शुरू किया जाए। दिसंबर तक भवन का काम पूरा करने का लक्ष्य अब स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों के सामने प्रमुख चुनौती रहेगा।
