उमरनी रेलवे फाटक से बनबनी साई मंदिर तक नई रेलवे लाइन का प्रस्ताव शहर और किसानों के हितों के खिलाफ: बसंत मालपानी
रेलवे परियोजना को लेकर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल, प्रभावित लोगों से चर्चा और पुनर्विचार की मांग
नागदा। संवाददाता जीवनलाल जैन।9179662633
Nagda क्षेत्र में उमरनी रेलवे फाटक से बनबनी साई मंदिर तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने इस प्रस्तावित रेलवे लाइन को क्षेत्र के किसानों, रहवासियों, व्यापारियों और शहर के समग्र विकास के लिए चिंता का विषय बताया है।
बसंत मालपानी का कहना है कि इस परियोजना से बड़ी संख्या में लोगों की भूमि और आजीविका प्रभावित हो सकती है। साथ ही शहर के निर्धारित मास्टर प्लान और भविष्य के विकास की संभावनाओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
बिना चर्चा लिए निर्णय का विरोध
कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने कहा कि नागदा शहर का विकास वर्षों की योजनाओं और मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए किया गया है। ऐसे में किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, किसानों और प्रभावित लोगों से विस्तृत चर्चा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि बिना स्थानीय लोगों की राय लिए इस तरह के निर्णय लिए जाते हैं तो इससे शहर के विकास की गति प्रभावित हो सकती है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों से मांगा जवाब
बसंत मालपानी ने क्षेत्र के भाजपा सांसद और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि जब इस परियोजना को लेकर दिल्ली या रतलाम स्तर पर निर्णय प्रक्रिया चल रही थी, तब क्या नागदा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से राय ली गई थी।
उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए थे तो उन्होंने नागदा के हितों और जनता की समस्याओं को लेकर क्या पक्ष रखा। वहीं, यदि उनकी राय नहीं ली गई तो वे जनता के हितों की रक्षा करने में क्यों असफल रहे।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता के अधिकारों और क्षेत्र के भविष्य की सुरक्षा करना भी उनका प्रमुख दायित्व है।
शहर के विकास पर असर की आशंका
मालपानी ने कहा कि नागदा शहर का विकास एक निर्धारित योजना के अनुसार हो रहा है। ऐसे में किसी भी नई रेलवे लाइन के निर्माण से पहले यह देखना जरूरी है कि इसका शहर के विस्तार, आवासीय क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों और किसानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट जनहित और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही लागू किए जाने चाहिए।
प्रस्ताव की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रस्तावित रेलवे लाइन से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएं। इसके साथ ही प्रभावित किसानों, रहवासियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी राय ली जाए।
उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजना को शहर के मास्टर प्लान और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यदि किसी योजना से बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान होने की संभावना है तो उस पर पुनर्विचार आवश्यक है।
आंदोलन की चेतावनी
बसंत मालपानी ने कहा कि यदि जनता के हितों की अनदेखी की जाती है तो कांग्रेस आम नागरिकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने कहा कि शहर के विकास और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और रेलवे विभाग इस मामले में स्थानीय लोगों की भावनाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगे।
