कोटा-इंदौर इंटरसिटी के नए रूट प्रस्ताव को नागदा से समर्थन
Nagda -रतलाम-बड़नगर मार्ग से संचालन की मांग, यात्रियों को मिल सकती है सीधी रेल सुविधा
Nagda । कोटा-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस को नागदा-रतलाम-बड़नगर मार्ग से संचालित करने के प्रस्ताव को नागदा के यात्री विकास एवं सुझाव मंच ने समर्थन दिया है। रतलाम के हेमंत कोठारी द्वारा रेल मंत्री के समक्ष रखे गए इस प्रस्ताव को मंच ने यात्री सुविधा और व्यापक जनहित की दृष्टि से उपयोगी बताया है।
मंच का कहना है कि यदि इस मार्ग से ट्रेन का संचालन संभव होता है, तो इंदौर, बड़नगर, रतलाम, नागदा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कोटा के लिए अतिरिक्त सीधी रेल सुविधा मिल सकती है। इससे शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कोटा आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।
सुबह इंदौर से रवाना होकर दोपहर में कोटा पहुंचाने का प्रस्ताव
प्रस्तावित परिचालन व्यवस्था के अनुसार ट्रेन को इंदौर से सुबह करीब 8 बजे रवाना कर बड़नगर, रतलाम और नागदा होते हुए दोपहर लगभग 2 बजे कोटा पहुंचाने की संभावना पर विचार किया गया है। वापसी में ट्रेन कोटा से शाम करीब 6 बजे रवाना होकर नागदा, रतलाम और बड़नगर होते हुए रात लगभग 12 बजे इंदौर पहुंच सकती है।
हालांकि यह समय-सारणी फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। वास्तविक संचालन समय, ठहराव और रूट का निर्धारण रेलवे द्वारा मार्ग, परिचालन क्षमता और तकनीकी पहलुओं के परीक्षण के बाद ही किया जाएगा।
करीब 385 किलोमीटर की दूरी
प्रस्ताव के मुताबिक इंदौर से बड़नगर, रतलाम और नागदा होते हुए कोटा की रेल दूरी लगभग 385 किलोमीटर के आसपास हो सकती है। सीमित ठहराव और अनुकूल परिचालन व्यवस्था होने पर यात्रा का समय करीब 5 से 5.30 घंटे रहने की संभावना जताई गई है। अंतिम यात्रा समय रेलवे के तकनीकी और परिचालन आकलन पर निर्भर करेगा।
यात्री मंच ने बताया जनहित से जुड़ा प्रस्ताव
यात्री विकास एवं सुझाव मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं संचालक राजेश सकलेचा (भाईजी) ने कहा कि मंच का उद्देश्य यात्री सुविधाओं से जुड़े सुझावों को सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से संबंधित अधिकारियों के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि कोटा-इंदौर इंटरसिटी को नागदा-रतलाम-बड़नगर मार्ग से संचालित करने का प्रस्ताव कई क्षेत्रों के यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि प्रस्ताव का यात्री संख्या, क्षेत्रीय आवश्यकता और परिचालन व्यवहारिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए। यदि रेलवे को यह रूट व्यवहारिक और उपयोगी लगता है, तो इस दिशा में आगे निर्णय लिया जा सकता है।
मंच के पदाधिकारियों ने किया समर्थन
प्रस्ताव को यात्री विकास एवं सुझाव मंच के अध्यक्ष नितिन जैन, सचिव रवि चौहान, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, परामर्शदाता कैलाश सनोलिया एवं पंकज मारू, संयोजक चेतन यादव, सुनील त्रिवेदी एवं भवानी सिंह देवड़ा ने समर्थन दिया।
इसके अलावा उपाध्यक्ष सुमेर सिंह सिसोदिया, राजा कर्नावट और शंकर ‘पप्पू’ प्रजापत, मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन, पीआरओ गौतम लश्करी सहित अनिल दसेड़ा (जावरा), सीएम अतुल, निलेश सोलंकी जैन, प्रमोद कोठारी, हिमांशु ओझा, दिनेश सोलकी, दिनेश सेठिया, अर्जुन राजेरिया, प्रकाश मालपानी, डॉ. सीएन शुक्ला और भूपेंद्र चौहान ने भी प्रस्ताव के समर्थन में अपनी सहमति जताई।
रेलवे से परीक्षण और निर्णय की मांग
मंच ने रेल मंत्रालय से आग्रह किया है कि कोटा-इंदौर इंटरसिटी के प्रस्तावित मार्ग का यात्री सुविधा, क्षेत्रीय जरूरत और परिचालन व्यवहारिकता के दृष्टिकोण से परीक्षण किया जाए। मंच का मानना है कि नागदा-रतलाम-बड़नगर होकर बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से मालवा क्षेत्र के यात्रियों को कोटा से सीधा जुड़ाव मिल सकता है।
फिलहाल यह प्रस्ताव रेलवे के समक्ष विचार के लिए रखा गया है और इसके लागू होने को लेकर अंतिम निर्णय रेलवे के परिचालन एवं तकनीकी परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
