नागदा में गुरु गौतमस्वामी महापूजन: श्रद्धा, भक्ति और सौभाग्य का दिव्य संगम
नागदा (निप्र) – जैन धर्म की पवित्र भूमि नागदा आगामी बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को एक दिव्य और भव्य धार्मिक आयोजन का केंद्र बनने जा रही है। नगर में परमरस चातुर्मास के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह महापूजन, जैन समाज के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद और भक्ति का अनूठा अवसर लेकर आया है।
इस महापूजन में प्रमुख रूप से विश्व पूज्य गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा और पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा की कृपा शामिल होगी। उनके सान्निध्य में यह आयोजन नागदा नगर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का केंद्र बन जाएगा।
गुरु गौतमस्वामी महापूजन: एक दिव्य आयोजन
इस धार्मिक आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा श्री अनंतलब्धि निधान गुरु गौतमस्वामी महापूजन, जो मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. और मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. की नयनानंदी निश्रा के सान्निध्य में संपन्न होगा। यह महापूजन विजय मुहूर्त दोपहर 12:39 बजे से प्रारंभ होगा।
महापूजन के लाभार्थी रहेंगे:
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स्व. संघवी श्री हस्तीमलजी जतनबाई
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स्व. श्री धीरजमलजी नांदेचा ओरा
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श्रीमती हंसा, दिलीप-जया, राजेन्द्र-रेखा, मनोज-सुनीता, सौरभ और निशित नांदेचा ओरा परिवार
इन सभी श्रद्धालुओं के लिए यह महापूजन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
आयोजन का स्वरूप और भव्यता
नागदा नगर में इस महापूजन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता में गहरा उत्साह व्याप्त है। आयोजन में गौरव बोहरा विधिकारक के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि आयुष बोहरा अपनी मधुर भक्ति धुनों के माध्यम से पूरे आयोजन का वातावरण सुरम्य बनाएंगे।
इस महापूजन का आयोजन श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्री संघ और जयन्तराज चातुर्मास समिति 2025, नागदा के तत्वावधान में संपन्न होगा। पूजन में कुल 27 श्रावक और श्राविका सहजोडे से लाभ प्राप्त करेंगे।
नागदा: जैन धर्म की पवित्र धरा
नागदा नगर जैन समाज के लिए एक पवित्र और ऐतिहासिक स्थल के रूप में विख्यात है। यहाँ साल भर विभिन्न धार्मिक आयोजन, चातुर्मास, महापूजन और तीर्थयात्राएं संपन्न होती रहती हैं। विशेषकर चातुर्मास के दौरान नागदा में जैन समुदाय का उत्साह और भक्ति का वातावरण पूरे नगर में दिखाई देता है।
गुरु गौतमस्वामी महापूजन जैसे आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये समाज में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को भी बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर नगर में विशेष सजावट, भक्तिमय वातावरण और स्थानीय जैन समाज की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी।
महापूजन के सामाजिक और आध्यात्मिक लाभ
गुरु गौतमस्वामी महापूजन का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। यह आयोजन न केवल श्रावकों और श्राविकाओं के लिए पुण्य लाभ का माध्यम बनेगा, बल्कि नए और युवा भक्तों को जैन धर्म की शिक्षाओं, मूल्यों और संस्कृति से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।
आध्यात्मिक दृष्टि से यह महापूजन भक्तों को ध्यान, साधना और आत्मशुद्धि के मार्ग पर अग्रसर करेगा। इसके अलावा, नगर में यह आयोजन धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। नागदा जैसे धार्मिक नगर में ऐसे आयोजनों से स्थानीय समाज का समर्पण और श्रद्धा बढ़ती है।
आयोजकों का योगदान
इस महापूजन को सफल बनाने में अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि नागदा में इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और नगरवासियों में व्यापक उत्साह और भक्ति का माहौल है।
कार्यक्रम के सभी आयोजन, पूजन विधि और भक्ति संगीत की व्यवस्था पर परिषद ने विशेष ध्यान दिया है। इससे सुनिश्चित होगा कि हर श्रद्धालु महापूजन का पूर्ण लाभ प्राप्त कर सके और नगर में भक्ति का वातावरण बना रहे।
भक्ति संगीत और विधिकारक
महापूजन में गौरव बोहरा विधिकारक के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं, आयुष बोहरा अपनी भक्ति-संगीत की मधुर धुनों के माध्यम से पूरे महापूजन को दिव्यता से भर देंगे। संगीत का यह संयोजन भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और मानसिक शांति का अनुभव कराएगा।
नागदा में श्रद्धालुओं का उत्साह
नागदा नगर में गुरु गौतमस्वामी महापूजन को लेकर श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और भक्ति का वातावरण है। लोग न केवल अपने परिवार के साथ इस आयोजन में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं, बल्कि नगर के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु महापूजन के लिए पहुँच रहे हैं।
इस आयोजन के माध्यम से नागदा जैन समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं भी उजागर होंगी। यह महापूजन समुदाय में धार्मिक एकता और सामाजिक समर्पण की भावना को भी सुदृढ़ करेगा।
निष्कर्ष
22 अक्टूबर 2025 को नागदा में होने वाला गुरु गौतमस्वामी महापूजन न केवल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए पुण्य और भक्ति का अवसर है, बल्कि यह नगर में श्रद्धा, भक्ति और सौभाग्य का एक दिव्य संगम भी सिद्ध होगा।
श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्री संघ एवं जयन्तराज चातुर्मास समिति 2025 के तत्वावधान में संपन्न होने वाले इस आयोजन से नागदा नगर में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय संचार होगा।
इस महापूजन में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालु न केवल पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे, बल्कि अपने जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति भी करेंगे। नागदा की पावन भूमि इस आयोजन के माध्यम से पूरे देश के जैन समाज के लिए श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनेगी।

