भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने मनाया शिक्षक दिवस, शिक्षकों का किया सम्मान
संवाददाता : प्रमोद कुमार जैन
Nagda । भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के शासकीय बालक विद्यालय एवं शासकीय कन्या विद्यालय के प्राचार्यों तथा विद्यालय स्टाफ का पुष्पमाला, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना रहा।
ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी जीवन लाल जैन ने बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों का अभिनंदन किया गया। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वर्ग बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
शिक्षक समाज के मार्गदर्शक
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष सुनील त्रिवेदी ने की। उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। वे बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करते हैं। ऐसे में शिक्षकों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है।
पुष्पमाला, शाल और स्मृति चिन्ह से अभिनंदन
सम्मान समारोह के दौरान शासकीय बालक विद्यालय और शासकीय कन्या विद्यालय के प्राचार्यों तथा विद्यालय स्टाफ का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह उन शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है, जो अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में निरंतर योगदान देते हैं।
शिक्षकों के सम्मान से विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा मिलने के साथ विद्यार्थियों में भी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय सचिव शिवेन्द्र तिवारी, जिला अध्यक्ष प्रमोद कोठारी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. हरिश शर्मा, मनीष गुप्ता, डॉ. निखल सोनी एवं श्रेणिक जैन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में शिक्षा, समाज और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए गए।
शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा को मजबूत करना जरूरी है। शिक्षकों की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
आज के बदलते समय में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं की भी आवश्यकता है। इन मूल्यों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि समाज को शिक्षकों के योगदान को पहचानने और उनका सम्मान करने की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाना चाहिए।
सम्मान से शिक्षकों में बढ़ा उत्साह
सम्मान समारोह के दौरान विद्यालयों के प्राचार्यों और स्टाफ ने ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों के कार्यों को सम्मान देने के साथ उनके उत्साह को भी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के महत्व और शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। सभी ने शिक्षकों के प्रति सम्मान और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षक सम्मान की भावना को मजबूत करने वाला रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज निर्माण में शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना और शिक्षा के महत्व को समझना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

