सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में निकली भव्य कावड़ यात्रा, पाल्या कला से भीकमपुर तक उमड़ा आस्था का सैलाब
हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हुआ क्षेत्र
Nagda । पवित्र श्रावण मास के अवसर पर सामाजिक समरसता मंच पाल्या कला के तत्वावधान में शुक्रवार को भव्य पैदल कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। सुबह से ही क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिवभक्त कंधों पर कावड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए।
कावड़ यात्रियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का जयघोष करते हुए यात्रा मार्ग पर कदम बढ़ाए। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई यात्रा
भव्य कावड़ यात्रा का शुभारंभ श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, पाल्या कला से हुआ। यहां से कावड़ यात्री विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री वृद्ध महाकालेश्वर मंदिर, भीकमपुर के लिए रवाना हुए।
यात्रा में युवा-युवतियों के साथ बुजुर्ग और बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त भी शामिल हुए। सभी श्रद्धालु कंधों पर कावड़ लेकर पैदल यात्रा करते नजर आए। भक्तों ने पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय श्री महाकाल” के जयकारे लगाए।
श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई भक्त हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए, जबकि अनेक श्रद्धालु कावड़ उठाकर भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए।
यात्रा के दौरान भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक नारों से वातावरण गूंजता रहा। श्रावण मास के धार्मिक माहौल में आयोजित इस यात्रा ने क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का विशेष वातावरण बना दिया।
जगह-जगह हुआ कावड़ यात्रियों का स्वागत
यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा समाजसेवियों द्वारा कावड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई।
स्वागत के दौरान कावड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की गई और भगवान शिव के जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर कावड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन किया।
पांचाल समाज ने किया भव्य स्वागत
कावड़ यात्रा के दौरान पुराने बस स्टैंड स्थित गणेश मंदिर के पास पांचाल समाज द्वारा श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। समाजजनों ने पुष्पवर्षा और भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ कावड़ यात्रियों का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर उपस्थित समाजबंधुओं ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
फलाहार और पेयजल की व्यवस्था
कावड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर फलाहार, चाय-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों ने श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाई।
लंबी पैदल यात्रा के दौरान कावड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह सेवा केंद्र बनाए गए। श्रद्धालुओं ने इन व्यवस्थाओं के लिए आयोजकों और समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया।
सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रावण मास में आयोजित इस धार्मिक कावड़ यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना भी है।
यात्रा में विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता ने सामाजिक एकता का संदेश दिया। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और समाज के विभिन्न वर्गों के श्रद्धालु एक साथ भगवान शिव की भक्ति में शामिल हुए।
शिवभक्ति में रंगा नजर आया पूरा क्षेत्र
कावड़ यात्रा के दौरान पाल्या कला से लेकर भीकमपुर तक का क्षेत्र भगवान शिव की भक्ति में रंगा नजर आया। जगह-जगह लगे धार्मिक ध्वज, कावड़ लेकर चलते श्रद्धालु और गूंजते शिव जयकारे यात्रा के आकर्षण का केंद्र रहे।
श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में अनुशासन और उत्साह के साथ यात्रा पूरी की। भक्ति और सामाजिक सहभागिता के इस आयोजन ने क्षेत्रवासियों में धार्मिक उत्साह के साथ आपसी जुड़ाव की भावना को भी मजबूत किया।
आयोजन में रहा सभी का सराहनीय सहयोग
भव्य कावड़ यात्रा के सफल आयोजन में सामाजिक समरसता मंच के पदाधिकारियों, समाजसेवियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी ने मिलकर कावड़ यात्रियों के स्वागत और सुविधा के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवान शिव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ श्री वृद्ध महाकालेश्वर मंदिर, भीकमपुर की ओर आगे बढ़ते रहे।
जानकारी – भगवती पांचाल
नागदा – प्रमोद कुमार जैन
