ग्रासिम इंडस्ट्रीज के प्रदूषण से कृषि भूमि प्रभावित होने का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनजीटी और मानवाधिकार आयोग को शिकायत सौंपकर मौके की जांच और नमूनों की जांच कराने की मांग की
Nagda । भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर ने ग्रासिम इंडस्ट्रीज नागदा से जुड़े कथित प्रदूषण के मामले को लेकर संबंधित विभागों को शिकायत पत्र सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में किसानों की कृषि भूमि के आसपास प्रदूषण तथा नाले के माध्यम से कथित रूप से छोड़े जा रहे रासायनिक अपशिष्ट के कारण जमीन और फसलों पर असर पड़ने का आरोप लगाया गया है।
कवि देव सिंह गुर्जर के अनुसार, किसानों की जमीन के आसपास प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। शिकायत में दावा किया गया है कि नाले के माध्यम से छोड़े जा रहे पानी और रासायनिक पदार्थों के कारण कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है तथा फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या विभागीय जांच की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संबंधित विभागों को सौंपा शिकायत पत्र
मामले को लेकर भोपाल में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से संबंधित विभाग तथा मानवाधिकार आयोग को शिकायत पत्र सौंपा गया। शिकायत के माध्यम से ग्रासिम इंडस्ट्रीज के प्रबंधक एवं प्रबंधन की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि जांच में प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पानी और रासायनिक पदार्थों के नमूने लेने की मांग
किसान यूनियन मंच ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही नाले में छोड़े जा रहे पानी एवं कथित रासायनिक पदार्थों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा प्रभावित कृषि भूमि और फसलों को हुए संभावित नुकसान का आकलन कराने की बात कही गई है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
निष्पक्ष जांच की मांग
कवि देव सिंह गुर्जर ने कहा कि किसानों की कृषि भूमि और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और किसानों की शिकायत का उचित समाधान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।



