नागदा चुनरी यात्रा 7 सितंबर को सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में निकलेगी। माँ चंबल का 11 लीटर दूध से अभिषेक कर 251 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी।
7 सितंबर को निकलेगी 18वीं चुनरी यात्रा, 251 मीटर चुनरी से सजेगा चंबल तट
सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में होगा आयोजन; लाल-केसरिया परिधान में मातृशक्ति और श्वेत वस्त्रों में पुरुष होंगे शामिल
नागदा। माँ चंबल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और नगर की सुख-समृद्धि की मंगलकामना को लेकर सामाजिक समरसता मंच के तत्वावधान में 18वीं पारंपरिक चुनरी यात्रा 7 सितंबर, सोमवार को निकाली जाएगी। इस अवसर पर माँ चंबल को 251 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
चुनरी यात्रा के माध्यम से उत्तम वर्षा, किसानों की खुशहाली, पर्याप्त जल उपलब्धता, व्यापार-व्यवसाय की उन्नति, बेहतर स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और नागदा नगर की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
दोपहर 1:30 बजे विश्वकर्मा मंदिर से होगा शुभारंभ
चुनरी यात्रा का शुभारंभ दोपहर 1:30 बजे विश्वकर्मा मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक एवं महाआरती के साथ होगा। इसके बाद श्रद्धालु भजन, ढोल और बैंड की धुन के बीच अनुशासित रूप से दो-दो की कतार में चंबल तट की ओर प्रस्थान करेंगे।
यात्रा जवाहर मार्ग, महात्मा गांधी मार्ग एवं चंबल मार्ग से होते हुए चंबल तट पहुंचेगी। यहां विधि-विधान से माँ चंबल का 11 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा और इसके बाद 251 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी।
18 वर्षों से चली आ रही माँ चंबल के प्रति कृतज्ञता की परंपरा
सामाजिक समरसता मंच द्वारा माँ चंबल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से करीब 18 वर्ष पहले चुनरी यात्रा की परंपरा शुरू की गई थी। आयोजकों के अनुसार चंबल नागदा की जीवनदायिनी है। इसके जल से नगर के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास के साथ आसपास के कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलता है।
इसी भावना के साथ प्रतिवर्ष माँ चंबल को चुनरी अर्पित कर उत्तम वर्षा, पर्याप्त जल, कृषि समृद्धि एवं नगर के सर्वांगीण विकास की प्रार्थना की जाती है।
इस वर्ष 251 मीटर लंबी चुनरी अशोक शर्मा एवं उनके परिवार की ओर से भेंट की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठान के बाद यजमान परिवार द्वारा चुनरी महिलाओं को प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी।
लाल-केसरिया परिधान में मातृशक्ति, श्वेत वस्त्रों में पुरुष
यात्रा में मातृशक्ति की विशेष सहभागिता रहेगी। महिलाएं एवं बालिकाएं लाल-केसरिया परिधान में, जबकि पुरुष श्वेत वस्त्रों में शामिल होंगे। यात्रा को अनुशासित एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए श्रद्धालु दो-दो की कतार में चलेंगे।
यात्रा मार्ग के रहवासियों एवं व्यापारियों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर आरती एवं पुष्पवर्षा कर चुनरी यात्रा का स्वागत करने का आग्रह किया गया है।
शहरभर में जनसंपर्क कर बांटे जा रहे आमंत्रण
यात्रा की तैयारियां यात्रा संयोजक एवं नागदा व्यापारी संघ अध्यक्ष पंकज नामदेव के नेतृत्व में की जा रही हैं। सामाजिक समरसता मंच के सदस्य नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क कर आमंत्रण पत्र वितरित कर रहे हैं।
पुलिस थाना चौराहा, महात्मा गांधी मार्ग, जवाहर मार्ग, रानी लक्ष्मीबाई मार्ग, सब्जी मार्केट, चिकित्सालय मार्ग, शारदा गली, पुराना बस स्टैंड, महिदपुर रोड और रामसहाय मार्ग सहित प्रमुख क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों एवं मातृशक्ति को यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
चंबल तट पर प्रसादी, वापसी के लिए बसों की व्यवस्था
चंबल तट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए फलाहार एवं प्रसादी वितरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं को पुनः उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था भी रहेगी।
आयोजन को सफल बनाने में गिरधारी सिंह शेखावत, राजेंद्र कांठेड़, गुलजारीलाल त्रिवेदी, गोपाल सलूजा, हरचरण सिंह चावला, रमेश मोहता, गिरधारी लाल चौधरी, पंकज नामदेव, पंकज अग्रवाल, राकेश यादव, गोरधन विश्वकर्मा, ओम चौहान, भरत पाटीदार, पवन अग्रवाल, निलेश मेहता और सीएल वर्मा सहित सामाजिक समरसता मंच के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
सामाजिक समरसता मंच एवं चुनरी यात्रा आयोजन मंडल ने नगरवासियों से सहपरिवार अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर 18वीं चुनरी यात्रा को भव्य बनाने का आह्वान किया है।
कार्यक्रम की जानकारी सामाजिक समरसता मंच एवं चुनरी यात्रा के मीडिया प्रभारी निलेश मेहता ने दी।



