हरफनमौला, हरदिल अजीज: N.K Jain के 75 वर्ष पूरे, 76वें वर्ष में पदार्पण
इंदौर: धर्म, समाज, संस्कृति और जीवदया के प्रति समर्पित एवं दिगंबर जैन परवार समाज इंदौर के वरिष्ठ सदस्य श्री N.K Jain (रोडवेज) ने अपने सार्थक और सफल जीवन के 75 वर्ष पूर्ण कर 76वें वर्ष में पदार्पण कर लिया है। उनका जन्म 1951 में नागपुर में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री कामता प्रसाद जी जैन भोपाल, मध्य प्रदेश स्थित वल्लभ भवन सचिवालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
N.K Jain का जीवन परिवार, धर्म और सेवा के मूल्यों से जुड़ा रहा। बचपन से ही उनमें दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पाई जाती थी। अपने पारिवारिक परिवेश में उन्हें धर्म, समाज और परोपकार के संस्कार मिले। वे अपने मित्रों और परिवार के बीच हमेशा हंसमुख और मिलनसार रहे। उनके व्यक्तित्व का एक प्रमुख पहलू यह है कि वे हर दिल में अपनापन और हर किसी के साथ मित्रवत व्यवहार करना जानते हैं।
व्यावसायिक और प्रशासनिक जीवन
N.K Jain ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत 1974 में राज्य परिवहन निगम (रोडवेज), भोपाल में यातायात प्रबंधक के रूप में की। अपने समर्पण और कड़ी मेहनत से उन्होंने अपने करियर में कई ऊँचाइयाँ हासिल की। कुछ वर्षों तक यातायात प्रबंधक के पद पर कार्य करने के बाद उन्हें संभागीय प्रबंधक के पद पर पदोन्नत किया गया।
अपने 35 वर्ष के सफल सेवा काल में वे भोपाल, रीवा, गुना, नागपुर, खरगोन सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कार्यरत रहे। 2009 में इंदौर से सेवा निवृत्त हुए, तब तक उनका करियर प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी और समाज सेवा के लिए प्रेरणादायक माना गया।
पारिवारिक जीवन
N.K Jain दो पुत्रों के पिता हैं। उनकी जीवन संगिनी, श्रीमती सुधा जैन, भी धर्मनिष्ठ और समाजसेवा में रुचि रखने वाली गृहणी हैं। परिवार में सहयोग, सामंजस्य और सामाजिक सेवा के मूल्यों का आदान-प्रदान होता रहा है।
धार्मिक और समाजिक योगदान
N.K Jain ने अपने जीवन में धार्मिक उदारता और दानशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। वे श्री दि० जैन चंद्र प्रभु परवार समाज मानव सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी सदस्य हैं। उनके योगदान से कई धार्मिक और समाजिक कार्य संभव हुए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- दि जैन सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र, नेमावर तीर्थ में योगदान
- दिगंबर जैन मंदिर, भोपाल में सेवा
- रेवती रेंज, इंदौर में निर्मित सहस्त्रकूट जिनालय में जिन प्रतिमाएँ विराजमान कराना
ये सभी कार्य उनके धर्म, समाज और परोपकार के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं।
समाज में सम्मान और बधाई
एन के जैन के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर समाज के वरिष्ठ समाजसेवी और जैन परवार के लोग उनके सम्मान में उपस्थित हुए। इस अवसर पर प्रमुख उपस्थित व्यक्ति थे:
- डॉ. जैनेन्द्र जैन
- आजाद जी जैन
- नरेंद्र जी जैन
- पप्पा जी
- राजीव जैन
- बंटी मुकेश जैन
समाज के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनके धर्म, समाज और मानवता के प्रति समर्पित जीवन को सराहा।
सार्थक जीवन का संदेश
N.K Jain का जीवन हमें यह संदेश देता है कि धर्म, समाज और मानव सेवा में निरंतर प्रयास से न केवल व्यक्तिगत सफलता मिलती है, बल्कि समाज में भी स्थायी प्रभाव छोड़ा जा सकता है। वे हरफनमौला, हरदिल अजीज व्यक्तित्व के प्रतीक हैं। उनका जीवन यह दिखाता है कि सेवा, दान और ईमानदारी के साथ बिताया गया हर दिन समाज और परिवार के लिए प्रेरणादायक हो सकता है।
उनकी धार्मिक और सामाजिक प्रतिबद्धता ने युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है। जीवन के 75 वर्ष पूरे कर 76वें वर्ष में प्रवेश करते हुए एन के जैन ने यह प्रमाणित किया कि सफलता केवल पद, प्रतिष्ठा या दौलत में नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति समर्पण में है।
समापन
इस शुभ अवसर पर समाज के सभी वरिष्ठ सदस्यों ने उनके स्वास्थ्य, लंबी आयु और समर्पित जीवन की सराहना करते हुए उनकी प्रेरणादायक यात्रा को याद किया। एन के जैन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धियों की नहीं है, बल्कि समाज, धर्म और मानवता के प्रति निरंतर योगदान की मिसाल है।
संवाददाता : राजेश जैन दद्दू ,डॉ. जैनेन्द्र जैन
