वायरल वीडियो, इंजेक्शन और सुसाइड नोट:
राजस्थान की युवा Sadhvi Prem Baisa की जोधपुर में हुई संदिग्ध मौत ने पूरे समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साध्वी का नाम सुनते ही लोग उनके कथावाचन, भजन और धर्मोपदेशों को याद करते हैं। उनके कार्यक्रमों में अक्सर हजारों लोग शामिल होते थे। लेकिन 28 जनवरी की शाम अचानक उनके जीवन का सिलसिला थम गया।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने मीडिया और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बना दिया। मौत से कुछ देर पहले उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया, उनके छह महीने पुराने वायरल वीडियो ने विवाद खड़ा किया और मौत के लगभग तीन घंटे बाद उनका सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ।
यह सब मिलकर सवाल पैदा कर रहा है कि क्या यह महज संयोग था या किसी ने उनकी मौत के पीछे साजिश रची थी।
Sadhvi Prem Baisa की लोकप्रियता और जीवन
Prem Baisa अपने कथावाचन और भजन प्रोग्राम के लिए जानी जाती थीं। उनके कार्यक्रमों में देशभर से लोग आते और उनकी भक्ति और उपदेश सुनते। साध्वी न केवल अपने अनुयायियों के लिए प्रेरणा थीं, बल्कि उनकी जीवनशैली और संकल्प ने कई युवाओं को आध्यात्मिक दिशा दी।
लेकिन 28 जनवरी की शाम उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद सब कुछ बदल गया। आश्रम से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
वायरल वीडियो और विवाद
मामले को सबसे पहले सुर्खियों में लाया उनका वीडियो, जो लगभग छह महीने पुराना था। वीडियो में साध्वी अपने गुरु वीरमनाथ के साथ दिखाई देती हैं। वीडियो में गुरु साध्वी को गले लगाते हैं और उन्हें गोद में उठाते हैं। यह केवल गुरु-शिष्य का सामान्य संबंध था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर विवाद फैल गया।
साध्वी ने यह दावा किया कि वीडियो आश्रम के कुछ लोगों द्वारा बदनाम करने के लिए वायरल किया गया। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की मांग भी की गई थी। वीडियो की वजह से साध्वी की व्यक्तिगत और धार्मिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ा और उनके कई कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।
रहस्यमयी सुसाइड नोट
साध्वी का सुसाइड नोट उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी मौत के लगभग तीन घंटे बाद पोस्ट हुआ। इस नोट में उन्होंने लिखा:
“मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया… आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन धर्म है। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और अन्य संत महात्माओं को पत्र लिखा। मैं इस दुनिया से अलविदा ले रही हूं लेकिन न्याय मिलेगा।”
सवाल यह उठता है कि क्या साध्वी ने सच में इसे लिखा और शेड्यूल किया था, या किसी ने उनकी मौत के बाद इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यह टाइमिंग इस मामले को और पेचीदा बना रही है।
इंजेक्शन और मृत्यु का रहस्य
मौते से पहले साध्वी दो दिन से बीमार थीं। 28 जनवरी की शाम उन्हें आश्रम में एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और हाथ-पांव ढीले पड़ गए। उन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अब पुलिस जांच कर रही है कि यह इंजेक्शन बीमारी का असर था या इसमें कोई जहरीली दवा शामिल थी। सुसाइड नोट और इंजेक्शन के बीच का समय भी संदिग्ध माना जा रहा है।
आश्रम से सीसीटीवी हटाना
साध्वी की मौत के बाद आश्रम से सभी सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए, जो पुलिस और अनुयायियों के लिए चिंता का विषय है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या कैमरे हटाने का आदेश किसी ने सबूत मिटाने के लिए दिया था। इस पहलू पर भी पुलिस जांच कर रही है।
सोशल मीडिया और वायरल वीडियो का प्रभाव
साध्वी का वायरल वीडियो और उसके बाद वायरल हुई खबरों ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला। वीडियो के बाद साध्वी ने अपने गुरु और आश्रम की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए शंकराचार्य सहित कई संतों से बातचीत की। उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा तक देने की बात कही थी, लेकिन यह प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हुई।
सुसाइड नोट में उनके इसी प्रयास का जिक्र है। यह नोट उनके जीवन और मौत को सीधे जोड़ता है और दर्शाता है कि वायरल वीडियो के बाद उनका मानसिक दबाव कितना बढ़ गया था।
पोस्टमार्टम और पुलिस जांच
साध्वी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार मौत के पीछे इंजेक्शन की भूमिका और बीमारी की वजहों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के पीछे कोई हस्तक्षेप था।
साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ के बीच भी विवाद देखने को मिला। शुरुआती तौर पर पिता ने पोस्टमार्टम कराने से मना किया था, लेकिन दबाव के बाद अनुमति दी गई।
निष्कर्ष
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अभी भी रहस्यमयी और संदिग्ध बनी हुई है। वायरल वीडियो, रहस्यमयी इंजेक्शन और उनके सुसाइड नोट ने घटना को पेचीदा बना दिया है।
पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सच्ची वजह सामने आएगी। फिलहाल, यह मामला समाज और अनुयायियों के लिए चिंताजनक और सोचने वाला बना हुआ है।
साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन और उनके योगदान को लोग याद रखेंगे। लेकिन उनकी मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम कभी इस रहस्य के पीछे छुपे सच तक पहुंच पाएंगे।
