Mahidpur Road में मुनिराज श्री का मंगलमय प्रवेश
श्रद्धा और उल्लास से हुआ भव्य स्वागत
Mahidpur Road – आज दिनांक 10 फरवरी 2026, मंगलवार को परम पूज्य राष्ट्रसंत, पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराजा के शिष्य, परमरस द्विशतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. और मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. का मंगलमय प्रवेश महिदपुर रोड में श्रद्धालुओं, समाजजनों और भक्तजन के बीच सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर नगर में भक्ति और उल्लास का अद्वितीय वातावरण देखने को मिला। नगरवासियों ने झंडे, फूल और पारंपरिक स्वागत के माध्यम से मुनिराज श्री का भावपूर्ण अभिनंदन किया। सभी उपस्थित लोग जयघोष करते हुए, भक्तिपूर्ण भाव और मंगलमय वातावरण में मुनिराज श्री का स्वागत कर रहे थे।
नगर में भव्य और भावपूर्ण आगवानी
मुनिराज श्री के स्वागत के लिए Mahidpur Road जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष अजय जैन के नेतृत्व में अरविंद बरडिया, निलेश भंडारी सहित समाजजनों ने पूरे नगर में भावपूर्ण और भव्य स्वागत सुनिश्चित किया। नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बनाकर समाजजन ने यह संदेश दिया कि धर्म और श्रद्धा का स्थान आज भी जनता के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं ने जयघोष, भक्ति और मंगलमय वातावरण में मुनिराज श्री का स्वागत किया। सभी लोग पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए पूरे हर्षोल्लास के साथ उपस्थित थे। नगरवासियों की भागीदारी और उत्साह इस आयोजन को यादगार बना गया।
यात्रा मार्ग और सेवक समूह की भूमिका
मुनिराज श्री का यात्रा मार्ग विहार मार्ग रीछा से Mahidpur Road तक कुल 14 किलोमीटर था। इस 14 किलोमीटर की यात्रा के दौरान कई समाजजन और सेवक अपनी सेवाओं के लिए उपस्थित रहे।
महिदपुर रोड से सेवा में लगे समाजजनों में पीयूष बरडिया, संकेश चौरड़िया, राज कोचर (बप्पया), मनोहरलाल जी बरडिया, आतिश बोहरा, निलेश बरडिया, जैनिस बरडिया, गर्वित बरडिया और वाहन सेवा में शुभम चौरड़िया (महिदपुर रोड), पारस जी बोहरा (बप्पया) ने सक्रिय योगदान दिया। इन सेवकों की समर्पित सेवा और सहयोग से यात्रा का संचालन अत्यंत सुचारु और भव्य रूप में हुआ।
सेवकों ने न केवल वाहनों और यात्रियों की व्यवस्था की, बल्कि भक्ति भाव बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका यह समर्पण पूरे नगर में प्रेरणा का स्रोत बना।
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् की सहभागिता
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् और परिषद परिवार की ओर से राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने सभी विहार सेवकों की भावपूर्ण प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि मुनिभगवंत आज संध्या समय विहार करेंगे और 11 फरवरी को महिदपुर सिटी में उनका मंगलमय प्रवेश सम्पन्न होगा।
ब्रजेश बोहरा ने यह भी कहा कि मुनिराज श्री के आगमन के अवसर पर समाजजनों की सहभागिता और सेवकत्व ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक परंपरा और भक्ति भाव आज भी जीवंत है। उन्होंने सभी सेवकों, समाजजनों और श्रद्धालुओं को उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्कृष्ट अनुमोदन प्रदान किया।
श्रद्धालुओं और नगरवासियों की भागीदारी
नगर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में जयघोष और भक्ति भाव बनाए रखा। उनके उल्लास और श्रद्धा ने मंगल प्रवेश को अत्यंत भावपूर्ण और पुण्यदायक बना दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि मुनिराज श्री का स्वागत पूरे नगर में गौरवपूर्ण रूप से हो।
नगरवासियों ने फूलों की वर्षा कर, झंडों और बैजों के माध्यम से मंगल प्रवेश का सौंदर्य बढ़ाया। पूरे नगर में उत्साह, भक्ति और श्रद्धा का वातावरण था। लोगों ने यह अनुभव किया कि ऐसे आयोजनों में भाग लेकर धार्मिक पुण्य अर्जित करना संभव है।
मंगल प्रवेश की विशेषताएँ
मुनिराज श्री का यह मंगल प्रवेश केवल एक औपचारिक स्वागत नहीं था, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण था। इस कार्यक्रम ने लोगों में समर्पण, भक्ति और धार्मिक चेतना को जागृत किया।
कार्यक्रम के दौरान नगर में व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्ग की सजावट को लेकर विशेष ध्यान रखा गया। यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक श्रद्धालु और सेवक अधिकार और सम्मान के साथ भाग ले सके।
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आगामी महिदपुर सिटी प्रवेश
ब्रजेश बोहरा ने बताया कि मुनिभगवंत 11 फरवरी 2026 को महिदपुर सिटी में अपना मंगलमय प्रवेश करेंगे। इसके लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष तैयारी और स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम महिदपुर के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक अवसर साबित होगा।
श्रद्धा और उल्लास का संदेश
मुनिराज श्री का यह मंगल प्रवेश केवल एक समारोह नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। इस आयोजन ने यह दिखाया कि समाज में भक्ति, सेवा और सहयोग के माध्यम से धार्मिक संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा जा सकता है।
नगरवासियों और सेवकों ने यह अनुभव किया कि ऐसे अवसरों पर भाग लेकर वे न केवल व्यक्तिगत पुण्य अर्जित करते हैं, बल्कि समाज में भक्ति और धर्म की भावना को भी स्थायी रूप से बढ़ावा देते हैं।
निष्कर्ष
Mahidpur Road में मुनिराज श्री का मंगलमय प्रवेश एक श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण अनुभव था। श्रद्धालुओं की भागीदारी, सेवकों की सक्रिय सेवा और नगरवासियों की भव्य स्वागत प्रक्रिया ने इस अवसर को यादगार और पुण्यदायक बना दिया।
यह कार्यक्रम केवल एक व्यक्तित्व का स्वागत नहीं था, बल्कि समाज में धार्मिक चेतना, सेवा भावना और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को दर्शाने वाला एक आदर्श उदाहरण था।
मुनिराज श्री का यह आगमन न केवल नगरवासियों के लिए पुण्यकारी था, बल्कि आने वाले समय में 11 फरवरी के महिदपुर सिटी प्रवेश के लिए भी प्रेरणा और उत्साह का स्रोत बना।
