मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद जाप jaora में श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। 14 वर्षों से निरंतर चल रही इस परंपरा में बड़ी संख्या में गुरुभक्त शामिल हुए।
मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद जाप श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न
jaora(निप्र)। मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद जाप का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए गुरुभक्तों ने परम पूज्य गुरु जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज साहब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि गुरु का स्थान जीवन में सर्वोच्च माना गया है। गुरु के नाम से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। ऐसे ही महान संत जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म.सा. ने अपनी वाणी और आध्यात्मिक प्रभाव से असंख्य लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया था।
मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद जाप की 14 वर्षों पुरानी परंपरा
jaora नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष द्वय नितिन कोलन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 से लगातार प्रत्येक शुक्ल पक्ष की तेरस को “पुज्यनीय गुरुदेव मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद” के जाप का आयोजन किया जाता है।जाप के साथ दिवाकर चालीसा एवं शांतिनाथ भगवान के स्तवन —
“साता किजो जी श्री शांतिनाथ प्रभु शिव सुख दिजो जी के साता किजो जी”
का भी सामूहिक पाठ किया जाता है।उन्होंने बताया कि गुरुभक्तों द्वारा यह जाप लगातार 14 वर्षों से किया जा रहा है, जो गुरु भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है।
कोच्चटा परिवार ने लिया प्रभावना का लाभ
प्रथम जेठ सुदि 13 के अवसर पर आयोजित जाप एवं प्रभावना का लाभ सुजानमल, सुधीर कुमार एवं सचिन कुमार कोच्चटा परिवार द्वारा लिया गया।कार्यक्रम के पश्चात मांगलिक सुश्रावक शांतिलाल डांगी द्वारा प्रदान किया गया।धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति एवं धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया।
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी मसा की प्रेरणा से हो रहे धार्मिक आयोजन
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी म.सा. की पावन प्रेरणा से प्रत्येक रविवार को नवनिर्मित श्री कस्तुर पावन धाम, सेजावता रोड jaoraपर सामूहिक सामायिक दिवस के रूप में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।धर्म और साधना के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आगामी 31 मई रविवार प्रातः 7:15 बजे सामूहिक सामायिक का आयोजन रखा गया है।
31 मई को होगा सामूहिक सामायिक का विशेष आयोजन
आयोजकों के अनुसार सामूहिक सामायिक में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।सामायिक में पधारने वाले महानुभावों की नवकारसी का लाभ श्रीमति झम्मुबाई रतनलाल जी मेहता द्वारा लिया गया है।गुरुभक्तों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर सामायिक करने का विनम्र निवेदन किया गया है।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे गुरुभक्त
कार्यक्रम में अनेक श्रद्धालु एवं गुरुभक्त उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —पारसमल बरडिया, पुखराज मल कोचट्टा, राकेश मेहता, संदीप रांका, श्रीपाल कोचट्टा, अजीत रांका, पारस गादिया, सुजानमल ओरा, मनोहरलाल चपडोद, मनोज डांगी, राकेश पी. कोच्चटा, अशोक रांका, जतीन कोचट्टा, महावीर डांगी, सुशील मेहता, राहुल रांका, पुखराज भंडारी, विनोद चपडोद, मोहनलाल पोखरना, सुरेंद्र चपडोद, सुभाष चोरडिया, बाबूलाल भटेवरा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।
आयोजन का सफल संचालन
कार्यक्रम का सफल संचालन संदीप रांका द्वारा किया गया।सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं धार्मिक वातावरण के साथ सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति, सामूहिक साधना और धर्म आराधना के महत्व को आत्मसात किया।उक्त जानकारी नितिन कोलन द्वारा प्रदान की गई।
