मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान से सम्मानित हुए। जैन कल्याण बोर्ड गठन के ऐतिहासिक निर्णय और जैन समाज के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर मिला विशेष सम्मान।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान: जैन कल्याण बोर्ड गठन पर मिला राष्ट्रीय गौरव
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान: जैन समाज के लिए गौरव का क्षण
भोपाल।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जैन समाज के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने तथा मध्यप्रदेश जैन कल्याण बोर्ड की स्थापना जैसे ऐतिहासिक निर्णय के लिए स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा Honorary Record Recognition प्रदान किया गया।
यह सम्मान जैन समाज के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जैन कल्याण बोर्ड के गठन की दिशा में की गई पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा किया गया सम्मान
इस अवसर पर यूडीए के उपाध्यक्ष रविशंकर वर्मा एवं एसबीआर के डायरेक्टर कुंदन पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सम्मान प्रदान किया।
सम्मान स्वरूप उन्हें स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संस्थापक वीरेन्द्र कुमार जैन एवं प्रेसिडेंट विवेक जैन के हस्ताक्षरयुक्त विशेष प्रशस्ति-पत्र (Certificate of Recognition) भेंट किया गया।यह प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री द्वारा समाजहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान क्यों है महत्वपूर्ण?
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जैन समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मध्यप्रदेश जैन कल्याण बोर्ड के गठन की पहल की गई।इस निर्णय के माध्यम से जैन समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं परोपकारी योगदान को नई पहचान देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैन कल्याण बोर्ड के गठन से समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को संस्थागत सहयोग प्राप्त होगा तथा समाज के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को गति मिलेगी।
जैन समाज के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह पहल समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगी।स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी अपने सम्मान पत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व, दूरदर्शिता और समाजहित में किए गए कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया है।
संस्था का कहना है कि मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास की सोच के साथ जैन समाज के योगदान को सम्मानित करने का कार्य किया है, जिससे समाज के लाखों लोगों में सकारात्मक संदेश गया है।
विवेक जैन ने दी जानकारी
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रेसिडेंट विवेक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया गया यह सम्मान उनके समाजहितैषी निर्णयों और जैन समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि जैन समाज के उत्थान और कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम भविष्य में समाज के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।
जनप्रतिनिधियों और समाजजनों ने दी बधाई
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए उनके इस निर्णय को जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक बताया।सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज के विकास और कल्याण से जुड़े अनेक नए कार्य आगे भी किए जाते रहेंगे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि जैन समाज के योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। जैन कल्याण बोर्ड के गठन की पहल ने समाज में नई आशा और विश्वास का संचार किया है तथा इसे मध्यप्रदेश के सामाजिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
