Mukesh Ambani की नेटवर्थ में बड़ी गिरावट: 5 महीनों में गंवाए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक
नई दिल्ली, 5 जून 2026 – देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल Mukesh Ambani की संपत्ति में इस साल बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के चलते उनकी नेटवर्थ में भारी कमी आई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच महीनों में उनकी संपत्ति में लगभग 21.9 अरब डॉलर यानी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
एशिया और भारत में रैंकिंग में बदलाव
नेटवर्थ में गिरावट के चलते मुकेश अंबानी अब वैश्विक अमीरों की सूची में 26वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं एशिया में उनकी स्थिति तीसरे स्थान पर और भारत में दूसरे स्थान पर आंकी जा रही है। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान अब चीन के झांग यिमिंग के पास है, जबकि भारत में यह स्थान गौतम अडानी के पास बताया जा रहा है।
यह बदलाव पिछले कई महीनों में शेयर बाजार के लगातार दबाव और निवेशकों की बदलती धारणा का परिणाम माना जा रहा है।
ब्लूमबर्ग इंडेक्स के ताजा आंकड़े
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 जून 2026 को ही एक दिन में मुकेश अंबानी की संपत्ति में 617 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। इस एक दिन की गिरावट ने उनकी कुल नेटवर्थ पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इसके साथ ही उनकी कुल संपत्ति अब लगभग 85.8 अरब डॉलर आंकी गई है, जो पिछले महीनों की तुलना में काफी कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अचानक उत्पन्न नहीं हुई है, बल्कि यह पिछले कई महीनों से चल रहे वैश्विक शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और निवेशकों की बदलती धारणा का संचयी प्रभाव है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगातार हो रही अस्थिरता ने भी इस स्थिति को प्रभावित किया है। ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों ने भी उनकी संपत्ति पर दबाव बढ़ाया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में अरबपतियों की नेटवर्थ में दैनिक आधार पर बदलाव सामान्य माना जाता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयरों का असर
मुकेश अंबानी की संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी हिस्सेदारी से आता है। कंपनी के शेयरों में हाल के महीनों में लगातार दबाव देखा गया है, जिसका सीधा असर उनकी नेटवर्थ पर पड़ा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है, जो पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, डिजिटल सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय है। मार्च 2025 तक कंपनी का वार्षिक राजस्व 114 अरब डॉलर के करीब बताया गया था।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की भूमिका
रिलायंस से अलग हुई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में भी मुकेश अंबानी की लगभग 41 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी भी उनकी कुल संपत्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और बाजार की अनिश्चितता ने भी उनकी संपत्ति पर अप्रत्यक्ष असर डाला है।
एंटीलिया और अन्य संपत्तियां
मुंबई स्थित अंबानी परिवार का आलीशान निवास “एंटीलिया” भी उनकी संपत्ति का एक प्रतीकात्मक हिस्सा है। 27 मंजिला इस इमारत की अनुमानित कीमत 400 मिलियन डॉलर से अधिक आंकी जाती है।
इस भवन में हेलिपैड, थिएटर, स्पा, बॉलरूम और अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि भौतिक संपत्तियों की तुलना में शेयर बाजार आधारित संपत्ति में अधिक उतार-चढ़ाव होता है।
कारोबारी सफर और पृष्ठभूमि
मुकेश अंबानी ने 1979 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन एक वर्ष बाद उन्हें अपने पिता धीरूभाई अंबानी के बुलावे पर भारत लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने रिलायंस के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद पारिवारिक विवाद सामने आया, जिसके बाद 2005 में दोनों भाइयों—मुकेश और अनिल अंबानी—के बीच कारोबार का विभाजन हुआ।
निवेश और विविध व्यवसाय
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज आज टेलीकॉम, डिजिटल सेवाओं, रिटेल, ऑयल रिफाइनिंग और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है। उनकी कंपनी जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक बन चुकी है।
इसके अलावा, वे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सफल टीम मुंबई इंडियंस के मालिक भी हैं, जो खेल और ब्रांड वैल्यू दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
संपत्ति में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, अंबानी की संपत्ति में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। इनमें मुख्य रूप से रिलायंस के शेयरों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और निवेशकों की बदलती धारणा शामिल हैं।
हालांकि, इसके बावजूद अंबानी दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल हैं और भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर में उनकी स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।
निष्कर्ष
मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में यह गिरावट भले ही बड़ी मानी जा रही हो, लेकिन यह वैश्विक बाजार की अस्थिरता और शेयर बाजार आधारित संपत्ति के स्वभाव को भी दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थिति मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में बाजार स्थिर होने पर उनकी संपत्ति में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।
