MRAI IMRC Jaipur सम्मेलन में GST, स्क्रैप आयात, सस्टेनेबिलिटी और रीसाइक्लिंग नीति पर होगा बड़ा मंथन। जानिए क्यों यह आयोजन भारत के भविष्य के लिए निर्णायक है।
MRAI IMRC Jaipur: भारत के रीसाइक्लिंग भविष्य की दिशा तय करता सम्मेलन
MRAI IMRC Jaipur भारत के रीसाइक्लिंग सेक्टर के लिए सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि नीति, उद्योग और पर्यावरण के बीच सेतु बनने जा रहा है। जयपुर में होने वाला यह आयोजन उन सवालों का जवाब देगा जो वर्षों से उद्योग के सामने खड़े हैं—GST, स्क्रैप आयात, नियामकीय अस्पष्टता और सस्टेनेबिलिटी।
MRAI IMRC Jaipur क्या है?
MRAI IMRC Jaipur मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है। इसमें देश-विदेश के रीसाइक्लिंग विशेषज्ञ, नीति निर्माता, निवेशक और उद्यमी एक मंच पर आते हैं।
यह आयोजन नोवोटेल जयपुर एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहा है और इसमें रीसाइक्लिंग से जुड़े हर बड़े मुद्दे पर खुलकर चर्चा होगी।
MRAI IMRC Jaipur का उद्देश्य
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है:
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रीसाइक्लिंग को औपचारिक उद्योग का दर्जा दिलाना
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GST और टैक्स सिस्टम में सुधार
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स्क्रैप आयात नीति को व्यवहारिक बनाना
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सस्टेनेबिलिटी और क्लाइमेट एक्शन को मजबूत करना
GST और कर व्यवस्था: सबसे बड़ी चुनौती
MRAI IMRC Jaipur में GST को लेकर रीसाइक्लर्स की वर्षों पुरानी समस्या पर बात होगी।
उद्योग का कहना है कि:
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अलग-अलग राज्यों में नियम अलग हैं
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इनपुट टैक्स क्रेडिट में परेशानी है
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स्क्रैप व्यापार में टैक्स बोझ ज्यादा है
सम्मेलन में नीति निर्माताओं से सरल और समान GST ढांचे की मांग की जाएगी।
स्क्रैप आयात: क्यों जरूरी है?
भले ही भारत को स्क्रैप-समृद्ध कहा जाता है, लेकिन उद्योग मानता है कि:
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घरेलू स्क्रैप पर्याप्त नहीं
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गुणवत्ता युक्त स्क्रैप का संकट
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उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता
MRAI IMRC Jaipur में एल्युमिनियम स्क्रैप पर अधिक शुल्क जैसे मुद्दे खास तौर पर उठाए जाएंगे।
सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी
MRAI IMRC Jaipur में सर्कुलर इकोनॉमी ट्रांजिशन पर खास सत्र होंगे।
मुख्य विषय:
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रिसोर्स सिक्योरिटी
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क्लाइमेट कमिटमेंट
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कार्बन मार्केट
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ESG अनुपालन
रीसाइक्लिंग को ग्रीन इकॉनॉमी की रीढ़ बताया जाएगा।
बैटरी, ई-वेस्ट और ELV नीति
आज का दौर बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों का है।
MRAI IMRC Jaipur में चर्चा होगी:
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बैटरी रीसाइक्लिंग
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ई-वेस्ट मैनेजमेंट
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एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ELV) नीति
ये विषय भविष्य के उद्योग को दिशा देंगे।
नीति निर्माताओं की भागीदारी
सम्मेलन को मिलेगा:
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श्री पीयूष गोयल – केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
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श्री भूपेंद्र यादव – पर्यावरण मंत्री
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श्री वी. के. सिंह – निदेशक, MoEFCC
इन नेताओं के संदेश उद्योग को नई उम्मीद देंगे।
श्री संजय मेहता का बड़ा बयान
एमआरएआई अध्यक्ष श्री संजय मेहता कहते हैं:
“रीसाइक्लिंग अब सीमांत गतिविधि नहीं रही। यह संसाधन सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं के केंद्र में है।”
उनका कहना है कि MRAI IMRC Jaipur डेटा-आधारित नीतिगत समाधान सामने लाएगा।
उद्योग के लिए नए अवसर
इस सम्मेलन से:
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निवेश बढ़ेगा
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नई तकनीक आएगी
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स्टार्टअप को मौका मिलेगा
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अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनेगी
रीसाइक्लिंग सेक्टर को मुख्यधारा में लाने का यह बड़ा कदम है।
निष्कर्ष: क्यों ऐतिहासिक है MRAI IMRC Jaipur?
MRAI IMRC Jaipur सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के रीसाइक्लिंग भविष्य की नींव है।
यह आयोजन:
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नीति को उद्योग से जोड़ेगा
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पर्यावरण को अर्थव्यवस्था से जोड़ेगा
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रीसाइक्लिंग को सम्मान दिलाएगा
यही वजह है कि यह सम्मेलन इतिहास में याद रखा जाएगा।
