MP Weather Update: बारिश की गतिविधियां कमजोर, ग्वालियर संभाग में हल्की बौछार की संभावना
दैनिक स्वराज वाणी | भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। सोमवार को भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में धूप निकली और दिन में गर्मी महसूस हुई। साफ आसमान के बीच रात के तापमान में भी गिरावट शुरू होने की खबर है। हालांकि, बारिश पर पूरी तरह ब्रेक लगने की बात कहना अभी सही नहीं होगा। मौसम विभाग ने 29 और 30 सितंबर के लिए पश्चिमी तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक से जुड़ी चेतावनी जारी की है। ग्वालियर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बौछार की संभावना भी बनी हुई है।
धूप निकलने से दिन में गर्मी
बादल कम होने और धूप निकलने का असर दिन के मौसम पर दिखाई दे रहा है। राजधानी भोपाल सहित कई क्षेत्रों में सोमवार को दिनभर धूप रही। इससे बारिश के दिनों की तुलना में दोपहर अधिक गर्म महसूस हुई। वहीं रात में तापमान कुछ कम होने से सुबह और देर शाम के मौसम में बदलाव महसूस हो सकता है।
प्रदेश के सभी जिलों में मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। किसी शहर में साफ आसमान और तेज धूप हो सकती है, जबकि पास के क्षेत्र में स्थानीय बादल बनकर हल्की बारिश हो सकती है। इसलिए धूप निकलने को पूरे प्रदेश से बारिश समाप्त होने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
ग्वालियर संभाग में हल्की बौछार के आसार
ग्वालियर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बौछार की संभावना जताई गई है। इसका अर्थ पूरे संभाग में लगातार या भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। कुछ स्थानों पर बादल बन सकते हैं और थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर मौसम शुष्क रह सकता है। स्थानीय स्तर पर मौसम बदलने के कारण बाहर निकलने वाले लोगों को ताजा पूर्वानुमान देखना उपयोगी होगा।
भारतीय मौसम विभाग के भोपाल केंद्र की 29 सितंबर को जारी संभागवार चेतावनी में पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 29 और 30 सितंबर को गरज-चमक तथा बिजली गिरने से जुड़ी चेतावनी दी गई है। 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए इस सूची में कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है। यह चेतावनी की स्थिति है; इसका मतलब यह नहीं कि हर स्थान पर बारिश बिल्कुल नहीं होगी।
पूर्वी मध्य प्रदेश में कब तक चेतावनी?
पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली से जुड़ी चेतावनी दर्ज की है। 2 अक्टूबर से 5 अक्टूबर के लिए संभागवार सूची में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में व्यापक बारिश की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं, लेकिन शुरुआती दिनों में स्थानीय मौसम परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।
गरज-चमक की चेतावनी और भारी बारिश की चेतावनी अलग होती हैं। किसी क्षेत्र में कम बारिश के साथ भी बिजली चमक सकती है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या असुरक्षित स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए। स्थानीय चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर है।
क्या मानसून की विदाई हो चुकी है?
प्रदेश में बारिश कम होना मानसून की विदाई की ओर बढ़ते मौसम का संकेत हो सकता है। फिर भी बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ना और किसी क्षेत्र से मानसून की औपचारिक वापसी घोषित होना अलग बातें हैं। दिए गए विवरण में प्रदेश से मानसून की वापसी की आधिकारिक तारीख नहीं है। इसलिए अभी खबर को ‘मानसून विदाई की ओर’ कहना अधिक सटीक है।
सितंबर के अंत में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई दिन धूप रहने के बाद भी स्थानीय स्तर पर बादल और बौछारें संभव हैं। अगले कुछ दिनों में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए जारी चेतावनियों में अंतर भी यही दिखाता है कि पूरे राज्य के लिए एक ही अनुमान लागू नहीं किया जा सकता।
अगले दिनों के मौसम पर नजर
फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की सक्रियता कम होने और धूप बढ़ने की स्थिति है। ग्वालियर संभाग में हल्की बौछार की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की संभागवार चेतावनी के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर तक गरज-चमक का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। शहर या जिले के लिए अधिक सटीक स्थिति जानने के लिए मौसम विभाग का ताजा स्थानीय पूर्वानुमान देखना चाहिए।
