MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 5 सितंबर तक बिगड़ा रहेगा मौसम; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद
जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम का असर, चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी; रामघाट तक पहुंचा बाढ़ का पानी
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून की सक्रियता ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 5 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण सतना और चित्रकूट क्षेत्र में हालात ज्यादा प्रभावित हुए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण रामघाट क्षेत्र में पानी पहुंच गया है। वहीं सतना जिले में बारिश और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून का ज्यादा असर
प्रदेश में सक्रिय मजबूत मानसूनी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है।
बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई स्थानों पर निचले इलाकों में पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के उफान पर आने से आवागमन पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी, रामघाट तक पहुंचा पानी
सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध रामघाट क्षेत्र तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। घाट के आसपास स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी पानी से प्रभावित हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रामघाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानें और कई होटल बाढ़ के पानी की चपेट में आए हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों के साथ श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
चित्रकूट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने और घाट क्षेत्र में पानी आने के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सतना में स्कूल-कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद
लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को दो दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
भारी बारिश के दौरान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूल तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई स्थानों पर पुल-पुलिया और रास्तों पर पानी आने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए प्रशासन द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात जिलों में बहुत भारी बारिश की आशंका
मौसम संबंधी पूर्वानुमान में प्रदेश के कुछ जिलों में अत्यधिक तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है। सात जिलों में चार इंच या इससे अधिक बारिश होने की आशंका बताई गई है।
यदि लगातार इसी तरह बारिश होती रही तो पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। नदियों, बांधों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
नदी-नालों और पुल-पुलियाओं पर बरतें सावधानी
भारी बारिश के दौरान सबसे अधिक खतरा उफनते नदी-नालों और पानी से डूबी पुल-पुलियाओं पर रहता है। ऐसे में लोगों को पानी का बहाव तेज होने पर पुल या रपटे पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे पुल और रपटों पर अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों और स्थानीय स्तर पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है।
जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग पर नजर
मौजूदा मानसूनी गतिविधियों के कारण जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में बारिश का दौर महत्वपूर्ण बना हुआ है। इन क्षेत्रों में पहले से हुई बारिश के कारण मिट्टी में नमी और जलस्रोतों का स्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में आगे होने वाली भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका बढ़ सकती है।
शहरी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से सड़कों पर पानी भरने, यातायात प्रभावित होने और निचली बस्तियों में जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
5 सितंबर तक मौसम पर रहेगी नजर
प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम को देखते हुए 5 सितंबर तक मौसम महत्वपूर्ण बना रहेगा। अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता में अंतर हो सकता है। विशेष रूप से भारी बारिश के अलर्ट वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
सतना और चित्रकूट में मौजूदा परिस्थितियों ने पहले ही भारी बारिश के असर को दिखा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने पर प्रशासन के साथ आम लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
