MP Weather Update: मध्य प्रदेश में 4 दिन झमाझम बारिश, आज 17 जिलों में अलर्ट; सितंबर में 9.6 इंच बारिश की जरूरत
MP Weather Update 1 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़े ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 15 अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना हुआ है। वहीं, जलाशयों और बांधों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी फुल टैंक लेवल के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का सिस्टम पूर्वी हिस्से से आगे बढ़ते हुए मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश को भी प्रभावित कर सकता है।
प्रदेश में अब तक 27.7 इंच बारिश
MP में मानसून सीजन के दौरान अब तक 702.9 मिलीमीटर यानी करीब 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा सामान्य बारिश से लगभग 3.1 इंच कम है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच माना जाता है।
मौसम विभाग के मुताबिक सितंबर महीने में अभी करीब 9.6 इंच बारिश और होने पर प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो सकता है। अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली बारिश से बारिश के मौजूदा घाटे में कमी आने की उम्मीद है।
आज उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट
मंगलवार को मौसम विभाग ने उमरिया और बालाघाट जिले के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
भोपाल सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
1 से 4 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रह सकता है। इस दौरान पूर्वी जिलों में कई जगह तेज बारिश होने की संभावना है।
इसके बाद 3 सितंबर को बारिश का सिस्टम प्रदेश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा। इस दिन भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
वहीं, 4 सितंबर को बारिश का असर और ज्यादा क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश होने की संभावना है। यानी सितंबर के शुरुआती चार दिन प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाले हैं।
बांधों और जलाशयों में बढ़ी पानी की आवक
MP में लगातार हो रही बारिश का असर बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। कई बड़े जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है और ज्यादातर बांधों की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
प्रदेश के कई बड़े जलाशयों में 70 प्रतिशत से अधिक पानी पहुंच चुका है। कुछ बांधों के गेट भी पानी की स्थिति को देखते हुए खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जलाशयों में अभी पर्याप्त पानी पहुंचने की जरूरत है।
भोपाल में भी बारिश के कारण बड़ा तालाब तेजी से भर रहा है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है। यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा के गेट खोले जा सकते हैं। भदभदा से छोड़ा गया पानी आगे चलकर कलियासोत जलाशय में पहुंचता है।
39 जिलों में अभी बारिश का घाटा
MP में अच्छी बारिश के बावजूद कई जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी लगभग 5 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 15 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 39 जिलों में 2 से 57 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। इनमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश सामान्य आंकड़े से नीचे बनी हुई है।
इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
जहां प्रदेश के कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ जिलों में सामान्य से अधिक पानी बरसा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, शिवपुरी और निवाड़ी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत मध्य प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से राहत लेकर आई है। अगले चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे जहां किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं जलाशयों में पानी की स्थिति भी और बेहतर हो सकती है। हालांकि भारी बारिश वाले जिलों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को जलभराव, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने के साथ मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी।
