MP Weather Today: मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, 39 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
MP में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। आमतौर पर जून के शुरुआती दिनों में भीषण गर्मी और लू का सामना करने वाले प्रदेशवासियों को इस बार बारिश, आंधी और ठंडी हवाओं के रूप में राहत मिल रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री में अभी लगभग दो सप्ताह का समय बाकी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पूरे प्रदेश का मौसम सुहावना बना दिया है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 39 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में लगातार मौसम परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।
इन जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी की चेतावनी
MP मौसम विभाग के अनुसार नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के अधिकांश जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
बारिश के बावजूद कई शहरों में गर्मी बरकरार
हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, लेकिन कुछ जिलों में गर्मी का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है। बुधवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा खरगोन में 41.8 डिग्री, राजगढ़ में 40.6 डिग्री, खंडवा और मलाजखंड में 40.5 डिग्री, सागर और खजुराहो में 40.3 डिग्री तथा नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री, इंदौर में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 38.9 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और जबलपुर में 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नौतपा में नहीं दिखी भीषण गर्मी
इस बार नौतपा के दौरान मौसम का स्वरूप पूरी तरह अलग रहा। सामान्यतः नौतपा के नौ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है और लू का प्रकोप देखने को मिलता है। लेकिन इस वर्ष 25 मई से 2 जून तक चले नौतपा के दौरान लगातार बारिश, आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होती रही।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार नौतपा अपेक्षाकृत ठंडा रहा।
भोपाल में भी बारिश का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में भी मौसम लगातार बदलता रहा। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बनाए रखा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 14 वर्षों में नौतपा के दौरान सात बार बारिश दर्ज की गई है।
इस वर्ष भी नौतपा की शुरुआत से ही बादल छाए रहे और कई दिनों तक बूंदाबांदी होती रही। इससे दिन और रात दोनों के तापमान में कमी दर्ज की गई।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन सक्रिय है और साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है और बादल लगातार बन रहे हैं।
इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून आने तक इसी तरह की प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
20 जून के बाद मानसून की दस्तक
MP मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून की गति सामान्य से थोड़ी धीमी है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य तिथि की तुलना में 5 से 7 दिन देर से हो सकती है।
वर्तमान अनुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 22 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन के बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश शुरू होगी और किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी।
फिलहाल प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी और अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और बादलों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
