MP Weather Today बदलता मौसम बना चिंता का कारण, आंधी-ओलों से फसलों को नुकसान; 23-24 फरवरी को फिर बारिश के आसार
MP में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में करीब आधे प्रदेश में मौसम का असर दिखाई दिया, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बिछ गईं और किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। हालांकि मौसम विभाग ने 21 और 22 फरवरी को राहत के संकेत दिए हैं, लेकिन 23 और 24 फरवरी को एक बार फिर बारिश की संभावना जताई है।
25 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि
राज्य के लगभग 25 जिलों के 80 से अधिक शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सीहोर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, देवास, विदिशा और छतरपुर सहित कई जिले शामिल रहे।
श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। धार जिले के नालछा क्षेत्र में लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर ओले गिरने से गेहूं, चना और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय रहा। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन भी प्रभावी रही, जिसने बादलों के निर्माण को बढ़ावा दिया। इसी दौरान उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर MP तक पहुंचा। परिणामस्वरूप तेज हवाएं चलीं, बादल छाए और कई स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
उत्तर दिशा से आई ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट ला दी। गुरुवार को कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। खजुराहो और कल्याणपुर जैसे स्थानों पर ही पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
फरवरी में तीसरी बार बारिश
फरवरी माह की शुरुआत से ही मौसम अस्थिर बना हुआ है। इस महीने अब तक दो बार आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो चुका है। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि 23-24 फरवरी को फिर सिस्टम सक्रिय होता है तो यह चौथी बार बारिश का दौर होगा। इससे किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।
किसानों के लिए चुनौती
बार-बार बदलते मौसम के कारण रबी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खासकर गेहूं, चना और सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जिलों में प्रशासन ने पटवारियों और कृषि अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए हैं। नुकसान का आंकलन कर राहत प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द मुआवजा प्रक्रिया शुरू करेगी।
जनजीवन पर असर
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें मिलीं। हालांकि स्थिति सामान्य होने में ज्यादा समय नहीं लगा। शुक्रवार सुबह कई शहरों में बादल छंटते नजर आए और हल्की धूप निकली।
अगले दो दिन का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार—
- 21 फरवरी: मौसम साफ रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में धूप निकल सकती है और बारिश की संभावना नहीं है।
- 22 फरवरी: आसमान साफ रहेगा, किसी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
हालांकि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बारिश होने की संभावना है। फिलहाल विभाग ने विशेष चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
बारिश और बादलों के कारण दिन का तापमान गिरा है, जिससे हल्की ठंड का अहसास फिर लौट आया है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाएं चल रही हैं। यदि अगले दो दिन मौसम साफ रहता है तो तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 23-24 फरवरी को संभावित बारिश के कारण फिर गिरावट आ सकती है।
निष्कर्ष
MP में मौसम का लगातार बदलता स्वरूप किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अगले दो दिन राहत के संकेत हैं, लेकिन 23-24 फरवरी को फिर बारिश की आशंका से अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।
