MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मिली ठंड से फिलहाल राहत, जनवरी के आखिरी दिनों में लौट सकती है कड़ाके की सर्दी
भोपाल।
MP में पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिल रही है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में लगभग 4 डिग्री का इजाफा दर्ज किया गया है। दिन में धूप निकलने से ठिठुरन में कुछ कमी आई है और लोगों ने थोड़ी गर्माहट महसूस की। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और जनवरी के आखिरी सप्ताह में ठंड एक बार फिर से जोर पकड़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय
MP Weather मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय प्रदेश के ऊपर दो प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। एक ओर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और दूसरी ओर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत की ओर से प्रवेश कर रहा है, जिससे 21 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम की स्थिति बिगड़ सकती है। यह सिस्टम मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी प्रभाव डाल सकता है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि इस प्रणाली के चलते अगले कुछ दिनों में ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में हल्की बारिश या ओलावृष्टि के संकेत हैं। फिलहाल अगले चार दिनों तक किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाला पश्चिमी विक्षोभ तेज और व्यापक हो सकता है। अगले दो-तीन दिनों में मौसम की स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में लौट सकती है ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणालियों के गुजरने के बाद उत्तरी हवा का प्रभाव मध्य प्रदेश में महसूस होगा। उत्तर से ठंडी हवाएं राज्य के कई हिस्सों में प्रवेश करेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट आएगी और ठंड बढ़ सकती है।
इस प्रकार, फिलहाल मिली राहत अस्थायी है, और जनवरी के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई जिलों में फिर से ठंड का सामना करना पड़ सकता है। खासकर उत्तरी और मध्य भारत में हवा का बहाव और ठंड बढ़ने की संभावना अधिक है।

MP में न्यूनतम तापमान का हाल
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
- कटनी (करौंदी) – 7.3°C (राज्य का सबसे ठंडा स्थान)
- इंदौर – 8.2°C
- भोपाल – 10.6°C
- ग्वालियर – 10.8°C
- उज्जैन – 10°C
- जबलपुर – 13.8°C
- शहडोल (कल्याणपुर) – 7.7°C
- खजुराहो – 8°C
- मंडला और राजगढ़ – 8.4°C
- दतिया – 9°C
- पचमढ़ी – 9.8°C
अधिकांश अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में ठंड की तीव्रता अभी कम हुई है, लेकिन राजधानी भोपाल और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में ठंड अभी भी जारी है।
जनवरी में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 जनवरी से राज्य में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। इससे प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। ग्वालियर, रीवा, चंबल और सागर संभाग में अगले कुछ दिन में ओलावृष्टि या बूंदाबांदी हो सकती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि 23 जनवरी के बाद जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मौसम खराब हो सकता है। मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों में इस सिस्टम का प्रभाव कुछ हद तक दिखेगा।
धूप और ठिठुरन
दिन में धूप निकलने के कारण ठिठुरन में कमी आई है। लोग सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अनुभव कर रहे हैं। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह केवल अस्थायी राहत है। आने वाले दिनों में तापमान फिर से गिर सकता है और हवा के साथ ठंड का असर बढ़ेगा।
लोगों को सावधानी की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे इस अस्थायी राहत का फायदा जरूर लें, लेकिन ठंड के अगले दौर के लिए तैयार रहें। सुबह और रात के समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और विशेष रूप से बुजुर्ग और छोटे बच्चे ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहें।
निष्कर्ष
- मध्य प्रदेश में फिलहाल ठंड से राहत मिली है, न्यूनतम तापमान में 4°C का इजाफा
- दिन में धूप निकलने से ठिठुरन कम, लेकिन ठंड वापस लौटने की संभावना
- 21 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तरी जिलों में हल्की बारिश और बादलों का असर
- जनवरी के अंतिम सप्ताह में ठंड और तेज होने की संभावना
अर्थात, मध्य प्रदेश में फिलहाल लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार जनवरी के आखिरी दिनों में राज्य में फिर से कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
