MP Weather Today: प्री-मानसून की सक्रियता से बदला मध्य प्रदेश का मौसम, 45 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
तेज हवाओं और बारिश से मिली गर्मी से राहत, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित
MP में मानसून की आधिकारिक दस्तक भले अभी बाकी हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पूरे प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल दिया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बारिश ने कई स्थानों पर जनजीवन को भी प्रभावित किया है।
राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई, वहीं कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
भोपाल में 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं
राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम तेज आंधी और बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार शहर में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 200 से अधिक स्थानों पर पेड़ और उनकी शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं।
कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें देर रात तक पेड़ हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी रहीं।
सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम में भी जोरदार बारिश
भोपाल के अलावा आसपास के जिलों में भी मौसम का प्रभाव देखने को मिला। सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम और कई अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। रायसेन जिले के गैरतगंज, देवनगर और सिलवानी क्षेत्रों में देर रात तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहा।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया क्षेत्र में रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई स्थानों पर दिन और रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई।
अगले चार दिन तक बना रहेगा मौसम का असर
MP मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव के कारण अगले चार दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।
शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
MP मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों में तेज आंधी और खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
तापमान में आई बड़ी गिरावट
लगातार हो रही बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से जहां भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब मौसम सुहावना महसूस होने लगा है।
भोपाल में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इंदौर में 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उज्जैन और जबलपुर में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नौगांव में 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो अन्य शहरों की तुलना में काफी अधिक रहा।
मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन देर से पहुंच सकता है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि मानसून के आने तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के मौसम को सक्रिय बनाए रखेंगी और कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मई में गर्मी और बारिश दोनों ने बनाया रिकॉर्ड
MP में मई का महीना मौसम के लिहाज से काफी असामान्य रहा। एक ओर जहां प्रदेश ने भीषण गर्मी का सामना किया, वहीं दूसरी ओर सामान्य से कहीं अधिक वर्षा भी दर्ज की गई।
खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। वहीं नौतपा के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जा रहा है।
राहत के साथ सतर्कता भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दिलाई है, लेकिन तेज आंधी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
प्री-मानसून गतिविधियों के चलते फिलहाल प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी, लेकिन बदलते मौसम के बीच सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी होगा।
