MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर झमाझम बारिश, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 29 अगस्त से राहत के आसार
MP Weather News 27 August 2026: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और गुरुवार को मौसम विभाग ने 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है। भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश की संभावना है।
इन जिलों के अलावा भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदले मिजाज के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
भोपाल समेत कई इलाकों में बारिश
राजधानी भोपाल में बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। कई इलाकों में बादल छाए रहे और देर रात तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीहोर में भी मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश के दौरान दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को वाहन चलाते समय परेशानी हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में इसी तरह मौसम का मिजाज बना रह सकता है।
29 अगस्त से तेज बारिश में कमी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि इसके बाद 29 और 30 अगस्त को तेज बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। मौजूदा बारिश के पीछे मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण जैसे मौसम प्रणालियों की सक्रियता को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि यह राहत लंबे समय तक रहने की उम्मीद नहीं है। सितंबर की शुरुआत में मानसून के दोबारा सक्रिय होने और कई हिस्सों में बारिश बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
39 जिलों में बारिश की कमी
MP में अगस्त के दौरान कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के बावजूद अब भी बड़ी संख्या में जिले सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर करीब 19 प्रतिशत तक बारिश की कमी बताई गई है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडोरी सहित कई जिलों में सामान्य से करीब 3 से 50 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से करीब 3 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून ने सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में हुई अच्छी बारिश से जलस्रोतों और खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।
जून की बारिश की कमी अभी भी बरकरार
पूरे मानसून सीजन की बात करें तो मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में शुरुआती दिनों में हुई अच्छी बारिश के कारण स्थिति में सुधार आया और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया।
इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी, जिसके कारण कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। अगस्त के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम ने एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश कराई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में अब भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
सितंबर में फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
MP में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।
फिलहाल प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते बारिश का दौर जारी है। 27 और 28 अगस्त को कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना है, जबकि 29 और 30 अगस्त को बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। इसके बाद सितंबर की शुरुआत में मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
