MP Weather Today: पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, जबलपुर-रीवा-शहडोल समेत इन जिलों में बरसेंगे बादल
MP Weather Today, 14 August 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 12 जिलों में 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल और इंदौर समेत कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में शुक्रवार को कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इन 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई है, उनमें सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।
इन जिलों में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर पानी भरने, यातायात प्रभावित होने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
विशेष रूप से नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। किसानों के लिए भी आने वाले दिनों में बारिश महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि प्रदेश के कई हिस्से अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
भारी बारिश का असर केवल पूर्वी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम शामिल हैं।
इसके अलावा बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में भी मौसम बदलने तथा बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर
MP में बारिश बढ़ने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 12 अगस्त की सुबह बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना था। इसके बाद 13 अगस्त की सुबह यह दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया।
यह मौसम प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर जा रही है। इसके प्रभाव से मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है और कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।
सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच होना चाहिए था।
इस तरह प्रदेश में सामान्य की तुलना में लगभग 2.8 इंच कम बारिश हुई है। प्रतिशत के लिहाज से राज्य में बारिश करीब 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति और कमजोर है, जहां बारिश की कमी करीब 20 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह कमी लगभग 5 प्रतिशत के आसपास है।
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से बारिश के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
कई जिलों में बारिश की बड़ी कमी
MP के कई जिलों में अब भी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 3 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।
कुल मिलाकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी हिस्से में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम और सक्रिय मानसून के कारण प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।
