MP Weather Today: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसम तंत्र का असर अब प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम के कारण प्रदेश में मानसून फिर से प्रभावी हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर फिलहाल पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रहा है। आने वाले दो दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश का प्रभाव पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
MP के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में बारिश हो सकती है। वहीं इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में भी मौसम बदल सकता है।
इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं।
इस तरह प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पहले पूर्वी एमपी में जोरदार बारिश, फिर पश्चिम में बढ़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 21 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 15 से 19 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर अधिक रहने का अनुमान है। इसके बाद पश्चिमी हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग भी इस मौसम प्रणाली से प्रभावित हो सकते हैं। इन संभागों के कुछ जिलों में 17, 18 और 19 अगस्त को तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है।
अब तक सामान्य से कम हुई बारिश
MP में मानसून सक्रिय होने के बावजूद इस सीजन में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। प्रदेश में अब तक करीब 544.4 मिलीमीटर यानी 21.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
इस हिसाब से प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश की कमी है। कुल मिलाकर बारिश सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी लगभग 6 प्रतिशत बताई गई है।
43 जिलों में सामान्य से कम बारिश
बारिश की कमी प्रदेश के कई जिलों में अभी भी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इन जिलों में बारिश की कमी करीब 2 से 54 प्रतिशत तक बताई गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के 20 जिलों में भी बारिश सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 1 से 48 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए बारिश राहत के साथ चुनौती भी
मानसून की सक्रियता से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। हालांकि अति भारी बारिश वाले जिलों में खेतों में पानी भरने, फसलों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के बाद पश्चिमी जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रदेशवासियों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
