MP Weather: रायसेन में आंधी-बारिश से तबाही, बेगमगंज मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं भीगा, किसानों को भारी नुकसान
MP के रायसेन जिले में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। भीषण गर्मी से परेशान लोगों को जहां तेज आंधी और बारिश से थोड़ी राहत मिली, वहीं यह बारिश किसानों और व्यापारियों के लिए भारी नुकसान लेकर आई। खासकर बेगमगंज मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
करीब आधे घंटे तक चली तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने पूरे इलाके में जनजीवन प्रभावित कर दिया। आसमान में काले बादल छाने के बाद अचानक तेज हवाएं चलीं और फिर जोरदार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़कों और गलियों में पानी भर गया और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।
मंडी में रखा गेहूं भीगा, किसानों को बड़ा नुकसान
सबसे ज्यादा नुकसान कृषि उपज मंडी बेगमगंज में देखने को मिला, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी के बाद खुले में रखा गया गेहूं बारिश की चपेट में आ गया। मंडी परिसर में व्यापारियों और किसानों द्वारा ढेर लगाकर रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह भीग गया।
इसके अलावा सरकारी खरीदी केंद्रों पर तुलाई के इंतजार में रखा किसानों का अनाज भी बारिश से प्रभावित हुआ। कई किसानों का गेहूं ट्रॉली और खलिहानों में खुले में रखा था, जो बारिश के कारण खराब होने की स्थिति में पहुंच गया।
गुणवत्ता पर असर, दाम गिरने की आशंका
MP बारिश में भीगने के बाद गेहूं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि भीगे हुए गेहूं के दानों पर दाग पड़ जाते हैं और उनकी चमक कम हो जाती है। इससे बाजार में दाम गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
एक व्यापारी ने बताया कि भीगे गेहूं को सुखाने में कई दिन लग सकते हैं और इस दौरान उसमें फफूंद लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर ऐसा होता है तो उपज पूरी तरह खराब हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अफरा-तफरी में भागते दिखे किसान और व्यापारी
जैसे ही बारिश शुरू हुई, मंडी परिसर और खरीदी केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई। किसान और व्यापारी तिरपाल, प्लास्टिक शीट और बोरियों से अपने अनाज को ढकने के लिए दौड़ पड़े। मजदूरों को भीगी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
हालांकि, तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। कई जगह पानी भर जाने से अनाज को बचाना मुश्किल हो गया।
कच्चे मकानों और दुकानों को भी नुकसान
आंधी का असर केवल कृषि उपज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ। बेगमगंज के वार्ड 12 और 15 में कई कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए। कई घरों में रखा अनाज और सामान भी बारिश से भीग गया।
साप्ताहिक बाजार में लगी अस्थाई दुकानों का सामान भी पानी में खराब हो गया। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि तेज आंधी में उनके घर का छप्पर उड़ गया और सारा अनाज भीग गया, जिससे उन्हें रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी।
मौसम विभाग की चेतावनी
MP मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो पहले से भीगे हुए गेहूं के पूरी तरह खराब होने का खतरा और बढ़ सकता है।
प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी उपज को जल्द से जल्द धूप में सुखाएं और उसमें नमी की मात्रा की जांच करें। यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो भारी नुकसान संभव है।
खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल
किसानों का कहना है कि हर साल खरीदी केंद्रों और मंडियों में पर्याप्त शेड और तिरपाल की व्यवस्था न होने के कारण इस तरह की समस्या होती है। खुले में रखी फसल बारिश में भीग जाती है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
कई किसानों ने मांग की है कि मंडियों में स्थायी शेड और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में इस तरह का नुकसान न हो।
राहत और आफत दोनों साथ
जहां एक तरफ इस बारिश ने तेज गर्मी से राहत दी और तापमान में गिरावट आई, वहीं दूसरी तरफ किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई। थोड़ी देर की बारिश ने मेहनत से उगाई गई फसल पर पानी फेर दिया।
निष्कर्ष
रायसेन जिले के बेगमगंज और आसपास के क्षेत्रों में हुई आंधी और बारिश ने यह स्पष्ट कर दिया कि मौसम की अचानक करवट किसानों के लिए कितनी भारी साबित हो सकती है। एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। अब सभी की नजर मौसम के अगले रुख पर टिकी हुई है, ताकि आगे और नुकसान से बचा जा सके।
