MP Weather Today: फरवरी में चौथी बार बदला मौसम, कई जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में साफ आसमान
MP में इस बार फरवरी का महीना सामान्य सर्दी विदाई जैसा नहीं बल्कि बदले हुए मौसम के रंगों के साथ गुजर रहा है। प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर सक्रिय हो गया है। दक्षिणी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र और दो सक्रिय द्रोणिकाओं (ट्रफ लाइन) के असर से कई जिलों में बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने मंगलवार को बालाघाट और डिंडौरी समेत पांच जिलों में वर्षा की चेतावनी जारी की है, जबकि राजधानी भोपाल और इंदौर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
दक्षिणी जिलों में ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिणी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है। अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और डिंडौरी जैसे जिलों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बनी हुई है। यहां गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। स्थानीय स्तर पर आंधी की भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
इस सिस्टम का असर आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किया जा रहा है, जिससे मौसम का मिजाज अचानक बदल रहा है। दिन में धूप और शाम को बादल छाने की स्थिति बनी हुई है।
दिन में धूप, शाम को बारिश
सोमवार को MP के कई शहरों में सुबह से दोपहर तक तेज धूप खिली रही। लोगों को लगा कि मौसम अब स्थिर हो गया है और सर्दी की विदाई तय है। लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ले ली।
जबलपुर में धूलभरी आंधी चली और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। रीवा और सीधी में भी बारिश हुई। रात के समय ग्वालियर, मुरैना, सागर, दमोह और खरगोन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का असर देखने को मिला। अचानक बदले मौसम ने आमजन को हैरान कर दिया।
फरवरी बना ‘बरसाती’ महीना
सामान्यत: फरवरी को सर्दी के अंतिम चरण का महीना माना जाता है, जब तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है और मौसम शुष्क रहता है। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले और बारिश से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा।
इसके बाद 18 फरवरी से तीसरा दौर शुरू हुआ, जो तीन दिनों तक सक्रिय रहा। अब 23 फरवरी से चौथी बार बादलों ने प्रदेश में दस्तक दी है। लगातार बदलते मौसम ने कृषि कार्यों और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित किया है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जहां पिछले सप्ताह अधिकतम तापमान बढ़ने लगा था, वहीं अब बादलों और वर्षा से इसमें कमी आई है।
रात के तापमान में हालांकि थोड़ी राहत मिली है और ठंड में कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के बड़े शहरों में भी न्यूनतम तापमान 12 डिग्री से ऊपर बना रहा।
दिन-रात के तापमान में यह उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भोपाल और इंदौर में राहत
जहां दक्षिण और पूर्वी जिलों में बादलों का असर अधिक है, वहीं राजधानी भोपाल और इंदौर में फिलहाल मौसम साफ रहने की संभावना है। यहां दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश का मिजाज अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है, इसलिए अचानक बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
किसानों की चिंता बढ़ी
लगातार हो रही बारिश और बदलते मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में आमतौर पर फसल पकने की अवस्था में होती है। ऐसे में बारिश और आंधी नुकसान का कारण बन सकती है।
पहले दो दौर की बारिश में कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से नुकसान की खबरें भी सामने आई थीं। अब चौथे दौर ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है।
अस्थिर बना रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल MP में अस्थिरता बनी रहेगी। कहीं तेज धूप तो कहीं बादल और बौछारों का सिलसिला जारी रह सकता है। अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बदलता रहेगा।
फरवरी के अंतिम दिनों में भी मौसम राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा। अचानक बदलते हालात से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। खासकर यात्रा के दौरान और खुले क्षेत्रों में काम करने वालों को मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
MP में इस बार फरवरी ने अपने पारंपरिक स्वरूप से अलग रूप दिखाया है। चौथी बार सक्रिय हुआ बारिश का दौर प्रदेश के कई हिस्सों में असर डाल रहा है। जहां कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का अलर्ट है, वहीं भोपाल और इंदौर में फिलहाल राहत के संकेत हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव, बादलों की आवाजाही और बार-बार हो रही बारिश ने यह साफ कर दिया है कि मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। ऐसे में नागरिकों और किसानों दोनों को सतर्क रहकर परिस्थितियों के अनुसार तैयारी करने की आवश्यकता है।
