MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर, 22 जिलों में अलर्ट; सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, भोपाल-उज्जैन में बढ़ेगा असर
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मजबूत मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सतना और चित्रकूट में बनी हुई है, जहां नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है। मौसम विभाग ने सतना और चित्रकूट समेत कई इलाकों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
सात जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सात जिलों में अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।
इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र
MP मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से एक द्रोणिका गुजर रही है और मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है। 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
3 सितंबर से सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं 4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
इन दिनों भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कई इलाकों में तेज से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बांधों में बढ़ा जलस्तर, बड़ा तालाब भी भरने के करीब
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के ज्यादातर बांधों में पानी की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। कई बांधों में जलस्तर करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पानी की आवक बढ़ने के कारण कुछ बांधों के गेट भी खोले गए हैं।
हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। वहीं राजधानी भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है और अब तालाब महज 0.30 फीट खाली है।
बड़ा तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाने की संभावना है। भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध तक पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
MP में अब तक 27.8 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल 707.1 मिलीमीटर यानी करीब 27.8 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में लगभग 31.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से राज्य में अभी सामान्य से करीब 3.1 इंच कम बारिश हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 5 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह अंतर बढ़कर लगभग 16 प्रतिशत हो गया है।
हालांकि अगले कुछ दिनों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। लगातार बारिश से जहां जलाशयों में पानी की स्थिति सुधरेगी, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। खासकर उन इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है जहां बाढ़ की स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी जिलों के बाद अब पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
