MP Weather Alert: पूर्वी मध्यप्रदेश में चार दिन तेज बारिश के आसार, सात जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी
MP मौसम समाचार, 29 अगस्त 2026: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, राजधानी भोपाल में हल्की बारिश या रिमझिम फुहारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में आने वाले कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शनिवार को प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश हो सकती है।
पूर्वी जिलों के अलावा जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी और पांढुर्णा में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।
राजधानी भोपाल में मौसम बदला हुआ रह सकता है और कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश हो सकती है। हालांकि, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में फिलहाल तेज बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है।
लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के आसपास निम्न दाब क्षेत्र यानी लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। इन मौसमी प्रणालियों के कारण मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। हालांकि, इन सिस्टम का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में इनका प्रभाव अधिक होने के कारण रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में बारिश का जोर देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर पश्चिमी और उत्तरी मध्यप्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सिस्टम की स्थिति के आधार पर बारिश के क्षेत्र में बदलाव भी हो सकता है।
MP में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश
MP में मानसून सीजन के दौरान अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 683.9 मिलीमीटर यानी करीब 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि तक सामान्य तौर पर करीब 750.9 मिलीमीटर यानी 29.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
इस तरह प्रदेश में अब तक लगभग 2.6 इंच बारिश की कमी दर्ज की गई है। कुल बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी लगभग 6 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह आंकड़ा करीब 12 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
37 जिलों में बारिश की कमी
MP के कई जिलों में अब भी बारिश सामान्य स्तर से कम दर्ज हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में भी बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बताई गई है।
राज्य के कुल 37 जिलों में बारिश 1 से 49 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है। इससे इन क्षेत्रों में मानसून की कमी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, आने वाले चार दिनों में पूर्वी हिस्से में होने वाली बारिश से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
वहीं, कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और उमरिया के अलावा आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।
जुलाई में पूरा हुआ बारिश का कोटा
मौसम विभाग के अनुसार जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। हालांकि, जुलाई के दौरान मानसून के दो बार कमजोर पड़ने के कारण कई इलाकों में बारिश का दौर थम गया था।
जुलाई के अंतिम सप्ताह में एक मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय हुआ, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने दोबारा जोर पकड़ा। इससे जुलाई की कमी पूरी हो गई, लेकिन जून में हुई बारिश की कमी की पूरी भरपाई अब तक नहीं हो पाई है।
आगे भी सक्रिय रह सकता है मानसून
MP में पूरे मानसूनी सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।
फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
