MP Weather Update: मध्य प्रदेश में ठंड का कहर, कई शहरों में न्यूनतम पारा 5 डिग्री के आसपास
भोपाल। MP इन दिनों भीषण ठंड की गिरफ्त में है। राज्य के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। इस बार सर्दी ने पिछले वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और राज्य के अनेक इलाकों में ठंड का असर सामान्य से कहीं अधिक तीव्र बना हुआ है।
इंदौर और भोपाल में रिकॉर्ड स्तर पर ठंड
इंदौर में रात का तापमान बीते दस वर्षों में सबसे कम स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में न्यूनतम पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी के बराबर है।
राजधानी भोपाल में भी रात का तापमान लगातार 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इस बार नवंबर और दिसंबर की ठंड ने भोपाल में 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। दिन में धूप निकलने के बावजूद शाम होते ही ठंड का असर तेज हो जाता है, जिससे लोग घरों और कार्यालयों में भी गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
प्रदेश के अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम है। प्रमुख शहरों के तापमान इस प्रकार हैं:
-
भोपाल: 6.5°C
-
ग्वालियर: 9.1°C
-
उज्जैन: 9°C
-
जबलपुर: 8.4°C
-
राजगढ़: 5.2°C
-
नौगांव: 6.4°C
-
उमरिया: 6.6°C
-
रीवा: 7°C
-
मलाजखंड: 7.2°C
-
मंडला: 7.6°C
-
रायसेन, शिवपुरी, नरसिंहपुर: 8°C
-
बैतूल: 8.5°C
-
छिंदवाड़ा और खजुराहो: 9°C
-
सतना: 9.1°C
-
टीकमगढ़ और रतलाम: 9.5°C
-
दमोह: 9.8°C
-
दतिया: 9.9°C
अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे ठंड का असर हर क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है।

ठंडी हवाओं का प्रभाव
भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सीहोर और शाजापुर में चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोग दिनभर गर्म कपड़ों में नजर आए। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद शाम होते ही ठंड तेज हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नाले और झरने तक जमने लगे हैं, जिससे ठंडी हवाओं का प्रवाह मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है।

जेट स्ट्रीम और ठंड की तीव्रता
उत्तर भारत में सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह जेट स्ट्रीम लगभग 12 से 13 किलोमीटर की ऊंचाई पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बह रही है। इसका असर मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी देखा जा रहा है, जिससे शीतलहर और बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली बर्फीली हवाओं और जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने के कारण इस वर्ष ठंड सामान्य से कहीं अधिक तेज बनी हुई है। इसी वजह से दिसंबर माह में भी लोग बहुत ठंड महसूस कर रहे हैं।
शीतलहर का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है। लोग दिनभर गर्म कपड़ों और शीतरोधी उपायों का सहारा ले रहे हैं।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सर्दी में उचित कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय शरीर को ढकें और कमजोर वर्ग जैसे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

निष्कर्ष
इस वर्ष की ठंड ने मध्य प्रदेश के अनेक इलाकों में पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर, भोपाल और पचमढ़ी जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया। उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं और सक्रिय जेट स्ट्रीम के कारण ठंड की तीव्रता बढ़ गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर में भी ठंड का असर जारी रहेगा, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस सर्दी के मौसम में लोग दिनभर गर्म कपड़े पहनकर और शीतरोधी उपाय अपनाकर ही सुरक्षित रह सकते हैं।
