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यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल से मप्र की अदालतों में ऐतिहासिक बदलाव, मिनटों में मिलेंगे दस्तावेज और अपडेट्स

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Published On: 17 May 2026
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यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत मध्यप्रदेश में अब कोर्ट दस्तावेज, सुनवाई और जमानत अपडेट वॉट्सएप पर मिलेंगे।

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल से मध्यप्रदेश की अदालतों में बड़ा बदलाव

अब 24 घंटे ऑनलाइन मिल सकेगी कोर्ट केस की जानकारी

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत मध्यप्रदेश की अदालतों में बड़ा डिजिटल बदलाव लागू किया गया है। अब प्रदेश के नागरिक किसी भी समय कोर्ट केस से जुड़े दस्तावेजों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। साथ ही गवाहों और पक्षकारों को सुनवाई, समन और आदेश से संबंधित जानकारी सीधे वॉट्सएप पर प्राप्त होगी।

इस नई व्यवस्था का शुभारंभ 16 मई 2026 को जबलपुर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा किया गया।

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल क्या है

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल मध्यप्रदेश की अदालतों में लागू की गई नई डिजिटल न्याय प्रणाली है।

न्याय व्यवस्था को बनाया जा रहा डिजिटल

इस मॉडल का उद्देश्य अदालतों की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

अब 24 घंटे कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

नई व्यवस्था के तहत कोर्ट केस से जुड़े दस्तावेजों के लिए किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।

दस्तावेज पाने में नहीं होगी देरी

अब नागरिकों को प्रमाणित कॉपी और अन्य दस्तावेजों के लिए अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

वॉट्सएप पर मिलेंगे सुनवाई और समन अपडेट

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत गवाहों और पक्षकारों को अब वॉट्सएप के माध्यम से अपडेट मिलेंगे।

मोबाइल पर पहुंचेगी पूरी जानकारी

  • सुनवाई की तारीख
  • समन सूचना
  • आदेश अपडेट
  • दस्तावेज कॉपी

सीधे मोबाइल पर उपलब्ध होंगे।

जमानत आदेश के बाद 10 मिनट में रिहाई का दावा

नई डिजिटल व्यवस्था में जमानत आदेश जारी होने के बाद रिहाई प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी।

जेल और कोर्ट सिस्टम होंगे कनेक्ट

अदालत और जेल के सिस्टम आपस में जुड़ने से आदेश तुरंत संबंधित विभाग तक पहुंचेंगे।

एक मिनट में मिलेगी प्रमाणित कॉपी

फीस जमा करने के बाद फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी एक मिनट में वॉट्सएप पर उपलब्ध कराई जाएगी।

डिजिटल कॉपी होगी मान्य

डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाएगी।

AI आधारित सिस्टम करेगा केस समरी तैयार

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

लंबी फाइलें पढ़ने में मिलेगी मदद

AI सिस्टम बड़े मामलों की समरी तैयार करेगा जिससे जजों और वकीलों का समय बचेगा।

डिजिटल सिस्टम पर अपलोड होंगी मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट

नई व्यवस्था में फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट डिजिटल रूप से अपलोड की जाएंगी।

H3: रिकॉर्ड गायब होने की संभावना कम

डिजिटल रिकॉर्ड से दस्तावेजों में छेड़छाड़ और रिकॉर्ड गायब होने की समस्या कम होगी।

पुलिस, अदालत और जेल सिस्टम होंगे एकीकृत

नई व्यवस्था में पुलिस, अदालत और जेल विभागों को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा।

फाइल अटकने की समस्या होगी कम

इससे केस प्रक्रिया में होने वाली देरी और फाइल गुम होने जैसी समस्याएं कम होंगी।

हर आरोपी की होगी यूनिक डिजिटल पहचान

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत हर आरोपी की डिजिटल प्रोफाइल बनाई जाएगी।

अपराधियों की ट्रैकिंग आसान

इस व्यवस्था से अपराधियों की गतिविधियों और रिकॉर्ड की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी।

आम लोगों को क्या होगा फायदा

नई डिजिटल व्यवस्था से आम नागरिकों को कई सुविधाएं मिलेंगी।

समय और खर्च दोनों की बचत

  • ऑनलाइन आवेदन
  • डिजिटल दस्तावेज
  • तेज सुनवाई प्रक्रिया
  • वॉट्सएप अपडेट

से नागरिकों का समय और खर्च दोनों कम होगा।

निष्कर्ष

यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल मध्यप्रदेश की न्याय व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव साबित हो सकता है। इससे अदालतों की कार्यप्रणाली तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।

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