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MP UCC Protest: मध्यप्रदेश में UCC के खिलाफ आंदोलन की तैयारी, मुस्लिम समाज कोर्ट जाने की तैयारी में; हर जिले में बनेगा महिला प्रतिनिधिमंडल

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Published On: 10 August 2026
Muslim community representatives in Madhya Pradesh preparing for statewide protests and legal action against the Uniform Civil Code (UCC) Bill
— Muslim community representatives in Madhya Pradesh preparing for statewide protests and legal action against the Uniform Civil Code (UCC) Bill

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MP UCC Protest: मध्यप्रदेश में UCC के खिलाफ आंदोलन की तैयारी, मुस्लिम समाज कोर्ट जाने की तैयारी में; हर जिले में बनेगा महिला प्रतिनिधिमंडल

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद बोले- UCC से अधिकार प्रभावित होने की आशंका, 16 से 20 अगस्त तक कलेक्टरों को सौंपेंगे ज्ञापन; BJP ने आंदोलन को बताया भ्रम फैलाने की कोशिश

भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC (Uniform Civil Code) को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। मानसून सत्र में पारित UCC विधेयक के विरोध में मुस्लिम समाज ने प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी शुरू करने की बात कही है। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि मुस्लिम समाज इस मुद्दे को लेकर अदालत का रुख करने की तैयारी कर रहा है।

विधायक आरिफ मसूद के अनुसार UCC लागू होने से मुस्लिम समुदाय के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रावधान अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर समाज की ओर से कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।

मुस्लिम समाज की ओर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आंदोलन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बताई गई है।

UCC के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी

आरिफ मसूद ने कहा कि समान नागरिक संहिता के खिलाफ मुस्लिम समाज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा। आंदोलन को केवल एक शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अलग-अलग जिलों में लोगों को जोड़कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि UCC से जुड़े प्रावधानों को लेकर मुस्लिम समाज में कई तरह की चिंताएं हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर समाज की ओर से सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।

विधायक के मुताबिक शुरुआती चरण में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।

हर जिले में 21 महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल बनेगा

आंदोलन की रणनीति में महिलाओं को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। आरिफ मसूद ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में 21 महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाएगा।

ये महिला प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने जिले के कलेक्टर से मुलाकात करेंगे और UCC को लेकर मुस्लिम समाज की चिंताओं से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।

महिला प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन तक समाज की मांगों और आपत्तियों को पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इस पहल को आंदोलन के शुरुआती चरण का हिस्सा बताया गया है।

16 से 20 अगस्त तक कलेक्टरों को सौंपेंगे ज्ञापन

कांग्रेस विधायक के अनुसार आंदोलन के पहले चरण में 16 अगस्त से 20 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

ये ज्ञापन राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम संबोधित होंगे। प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी आपत्तियां और मांगें संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों तक पहुंचाएंगे।

इस दौरान महिला प्रतिनिधिमंडल के साथ स्थानीय मुस्लिम संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी होने की बात कही गई है।

UCC के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी

आरिफ मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज इस मामले में अदालत जाने की तैयारी भी कर रहा है। उन्होंने UCC के प्रावधानों को लेकर कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक रास्ता अपनाएगा।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 29 का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

हालांकि UCC की संवैधानिक वैधता और इसके प्रावधानों को लेकर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के स्तर पर ही स्पष्ट होगा।

अगले चरण में अन्य समुदायों को भी जोड़ने की योजना

आंदोलन को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा यह भी की गई कि आगे चलकर इसमें अन्य समुदायों को भी शामिल किया जाएगा।

आरिफ मसूद के अनुसार मुस्लिम संगठन अन्य समुदायों के लोगों को साथ लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। उनका कहना है कि UCC से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

इससे आने वाले दिनों में UCC को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

BJP ने कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

मुस्लिम समाज के प्रस्तावित आंदोलन पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रदेश बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि UCC संवैधानिक अधिकारों के हनन की प्रक्रिया नहीं है।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान सम्मान और न्याय उपलब्ध कराना है। बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर UCC को लेकर भ्रम फैलाने की मुहिम चलाने का आरोप लगाया गया।

आशीष अग्रवाल ने यह भी कहा कि बीजेपी महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में काम कर रही है, जबकि कांग्रेस मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है।

UCC पर आमने-सामने कांग्रेस और बीजेपी

मध्यप्रदेश में UCC को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद जहां मुस्लिम समाज के अधिकारों और संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए विरोध की रणनीति बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे समान अधिकार और न्याय से जोड़ रही है।

दोनों दलों के अलग-अलग रुख के कारण आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विषय बन सकता है।

एक तरफ मुस्लिम समाज की ओर से जिला स्तर पर ज्ञापन और प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, वहीं बीजेपी सरकार के UCC को समानता और न्याय की दिशा में कदम बता रही है।

16 अगस्त से शुरू होगा आंदोलन का पहला चरण

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 20 अगस्त के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे जाने हैं। प्रत्येक जिले में 21 महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल बनाए जाने की योजना है।

इसके बाद आंदोलन के अगले चरण को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। मुस्लिम संगठनों द्वारा अन्य समुदायों को साथ जोड़ने की योजना भी बताई गई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला स्तर पर होने वाले इन कार्यक्रमों का स्वरूप क्या रहता है और प्रशासन की ओर से इन ज्ञापनों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

UCC को लेकर आगे बढ़ेगी कानूनी और राजनीतिक बहस

मध्यप्रदेश में UCC को लेकर अब विरोध और समर्थन दोनों पक्षों की गतिविधियां सामने आने लगी हैं। मुस्लिम समाज की ओर से जहां अदालत का रुख करने और प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी की जा रही है, वहीं बीजेपी इसे समान नागरिकों के लिए समान सम्मान और न्याय की दिशा में कदम बता रही है।

आने वाले दिनों में UCC के कानूनी पहलुओं, संवैधानिक प्रावधानों और इसके सामाजिक प्रभाव को लेकर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल 16 अगस्त से शुरू होने वाले ज्ञापन कार्यक्रम पर सभी की नजर रहेगी।

 

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