MP Transfer Rishwat Case: मध्यप्रदेश मंत्रालय में ट्रांसफर के बदले रिश्वत लेने के आरोपों पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के OSD अशोक कुमार बाथम, PA दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया सस्पेंड। जानिए पूरा मामला, सरकार की कार्रवाई और जांच की ताजा अपडेट।
MP Transfer Rishwat Case: कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के OSD समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड, ट्रांसफर के बदले रिश्वत मामले में सरकार का बड़ा एक्शन
भोपाल।
MP Transfer Rishwat Case में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के कार्यालय से जुड़े तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ट्रांसफर के बदले कथित रिश्वत लेने के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में कृषि मंत्री के OSD अशोक कुमार बाथम, पर्सनल असिस्टेंट (PA) दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया शामिल हैं। संबंधित विभागों ने अलग-अलग आदेश जारी कर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
MP Transfer Rishwat Case क्या है?
MP Transfer Rishwat Case में आरोप है कि मंत्रालय स्तर पर तबादलों के बदले कर्मचारियों से धनराशि की मांग की गई। मामले की शिकायत सामने आने के बाद सरकार ने प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की और पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
सरकार का कहना है कि मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री के OSD अशोक कुमार बाथम सस्पेंड
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के OSD अशोक कुमार बाथम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय आदेश में कहा गया है कि प्रकाशित समाचारों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उनके विरुद्ध गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान अशोक कुमार बाथम का मुख्यालय सीधी जिला निर्धारित किया गया है।
अंकित अवधिया और दिनेश भकोरिया भी सस्पेंड
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अलग-अलग आदेश जारी करते हुए कृषि मंत्री कार्यालय में पदस्थ स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया तथा पर्सनल असिस्टेंट दिनेश भकोरिया को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि ट्रांसफर के बदले धनराशि मांगने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय सामान्य प्रशासन विभाग (GAD Pool), मंत्रालय भोपाल रहेगा।
1 से 16 जून तक हुई थी ट्रांसफर प्रक्रिया
मध्यप्रदेश सरकार ने 1 जून से 16 जून 2026 तक तबादलों पर लगी रोक हटाई थी।
इसी अवधि के दौरान विभिन्न विभागों में ट्रांसफर से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं और रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आईं। शिकायतों की समीक्षा के बाद संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
जांच के बाद आगे होगी कार्रवाई
संबंधित विभागों के अनुसार मामले की विभागीय जांच पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
निष्कर्ष
MP Transfer Rishwat Case ने मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। सरकार ने शुरुआती स्तर पर सख्त कार्रवाई करते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के OSD समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। अब पूरे मामले की निगाहें विभागीय जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
