—Advertisement—

MP में मोबाइल एप से बुक होंगे बस टिकट, भोपाल-इंदौर से शुरुआत; बिना टिकट यात्रा पर कार्रवाई — दैनिक स्वराज वाणी

Author Picture
Published On: 14 October 2026
sdaaaaaaaaaaaaaaaa

—Advertisement—

MP में मोबाइल एप से बुक होंगे बस टिकट, भोपाल-इंदौर से शुरुआत; बिना टिकट यात्रा पर कार्रवाई — दैनिक स्वराज वाणी

भोपाल। मध्य प्रदेश में बस यात्रियों के लिए घर बैठे टिकट बुक करने की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मोबाइल एप तैयार कराया जा रहा है। योजना के पहले चरण में भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से इसकी शुरुआत करने की बात है। यात्री एप पर बस का रूट, चढ़ने का स्थान और गंतव्य चुनकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य टिकट बुकिंग को आसान बनाना और यात्रियों को बस अड्डे पर टिकट के लिए कतार में लगने की जरूरत कम करना है। हालांकि, अभी एप का आधिकारिक नाम, डाउनलोड लिंक और लॉन्च की तारीख घोषित नहीं हुई है। बुकिंग, भुगतान, टिकट रद्द करने और रिफंड से जुड़े विस्तृत नियम भी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

पहले भोपाल और इंदौर से शुरुआत

योजना के तहत यात्री मोबाइल से अपनी यात्रा की जानकारी भर सकेंगे। वे उपलब्ध रूट में से बस चुनेंगे, बोर्डिंग पॉइंट तय करेंगे और गंतव्य के अनुसार टिकट बुक करेंगे। रेलवे के आईआरसीटीसी सिस्टम की तरह डिजिटल टिकटिंग की सुविधा देने की तैयारी है। शुरुआत भोपाल और इंदौर के इंटर स्टेट बस टर्मिनल यानी आईएसबीटी से करने की योजना बताई गई है।

एप शुरू होने के बाद यात्रियों को बस और रूट की जानकारी एक ही जगह मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रा की योजना पहले से बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, सीट चुनने, भुगतान के तरीकों और टिकट में बदलाव जैसे विकल्प उपलब्ध होंगे या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। यात्रियों को आधिकारिक एप और प्रक्रिया की जानकारी जारी होने तक किसी अनधिकृत एप या लिंक पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

बसों में GPS और कैमरे अनिवार्य

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों में जीपीएस और कैमरे चालू रखना अनिवार्य किए जाने का प्रावधान है। जीपीएस से बसों की लोकेशन पर निगरानी रखी जा सकेगी और कैमरों से यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीकी निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

परिवहन सेवा की शुरुआत में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को बस नेटवर्क से जोड़ने की जानकारी दी गई थी। सेवा का उद्देश्य शहरों के साथ गांवों की बस कनेक्टिविटी को बेहतर करना भी है। सरकार ने आगे इसे और क्षेत्रों तक विस्तार देने की योजना जताई है।

टिकट नहीं देने पर कंडक्टर पर कार्रवाई

नियमों के अनुसार, यदि कंडक्टर यात्री से किराया लेने के बाद टिकट नहीं देता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किराया और टिकट के लेन-देन को स्पष्ट रखना तथा यात्रियों को टिकट देना सुनिश्चित करना है।

यात्रियों को यात्रा के दौरान अपना टिकट संभालकर रखना होगा। एप से टिकट बुकिंग शुरू होने पर डिजिटल टिकट दिखाने की प्रक्रिया और जांच के नियम आधिकारिक दिशा-निर्देशों में बताए जाएंगे। इसलिए एप के शुरू होने और टिकट की वैधता से संबंधित नियमों की जानकारी परिवहन विभाग या सेवा प्रदाता की आधिकारिक सूचना से लेना जरूरी होगा।

प्रदेश में 38 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर

सड़क सुरक्षा और चालकों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में पांच रीजनल ड्राइविंग सेंटर शामिल हैं। शेष केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। इन केंद्रों के जरिए निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

मोबाइल एप से टिकट बुकिंग, बसों में जीपीएस और कैमरों की व्यवस्था तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर—ये सभी पहल प्रदेश की परिवहन सेवा को बेहतर बनाने की योजना का हिस्सा हैं। फिलहाल टिकट एप से जुड़ी लॉन्च तारीख और विस्तृत बुकिंग नियमों की आधिकारिक घोषणा बाकी है। सुविधा शुरू होने पर यात्रियों को रूट और बोर्डिंग पॉइंट चुनकर ऑनलाइन टिकट लेने का विकल्प मिलेगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp