MP TET Exam: मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 31 अगस्त 2028 तक छह बार होगी परीक्षा
प्रत्येक वर्ष दो बार ऑफलाइन आयोजित होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को बनाया गया परीक्षा एजेंसी
जबलपुर। मध्य प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा के आयोजन, अवधि और जिम्मेदार एजेंसी को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार 31 अगस्त 2028 तक शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के कुल छह अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विभाग ने प्रत्येक वर्ष दो बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था बनाई है। यह परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से होगी और इसके आयोजन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को सौंपी गई है। विभाग ने मंडल को इसके लिए अधिकृत परीक्षा एजेंसी घोषित किया है।
यह व्यवस्था नई शिक्षक भर्ती के लिए होने वाली पात्रता परीक्षा से अलग, उन सेवारत शिक्षकों को अवसर देने के उद्देश्य से की गई है, जिन पर न्यायालय के आदेश के अनुसार TET उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू होती है।
31 अगस्त 2028 तक मिलेंगे छह अवसर
विभागीय अधिसूचना के मुताबिक पात्र शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक छह बार परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रत्येक वर्ष दो परीक्षाएं होने से शिक्षकों को एक ही प्रयास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यदि कोई शिक्षक पहले प्रयास में सफल नहीं होता तो वह निर्धारित समय-सीमा के भीतर बाद की परीक्षा में दोबारा शामिल हो सकेगा। छह अवसर देने का उद्देश्य बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी और पात्रता हासिल करने के लिए पर्याप्त समय देना बताया जा रहा है।
परीक्षाओं की निश्चित तारीख, आवेदन प्रक्रिया, शुल्क, पाठ्यक्रम और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी विस्तृत सूचना माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा अलग से जारी किए जाने की संभावना है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल कराएगा परीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को इस परीक्षा की एजेंसी बनाया है। मंडल परीक्षा का कार्यक्रम तैयार करने, आवेदन आमंत्रित करने, केंद्र निर्धारित करने, प्रश्नपत्र और मूल्यांकन की व्यवस्था करने तथा परिणाम जारी करने से संबंधित जिम्मेदारियां निभाएगा।
परीक्षा सामान्य बोर्ड परीक्षाओं की तरह निगरानी में आयोजित होगी। उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होकर तय समय में प्रश्नपत्र हल करना होगा। नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए केंद्रों पर निगरानी एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।
परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। विस्तृत परीक्षा पद्धति और उत्तर दर्ज करने की प्रक्रिया का उल्लेख आधिकारिक नियम पुस्तिका में किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी व्यवस्था
सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़ा निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू किया जा रहा है। न्यायालय ने संबंधित श्रेणी के शिक्षकों को निर्धारित अवधि के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
पहले इसकी समय-सीमा 31 अगस्त 2027 बताई गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया। इस विस्तार से शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी और पात्रता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय मिला है।
न्यायालय के निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने परीक्षा आयोजित करने के लिए एजेंसी और प्रयासों की संख्या निर्धारित की है। इसी क्रम में 2028 तक छह परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया गया है।
किन शिक्षकों को देनी होगी परीक्षा?
TET की अनिवार्यता मुख्य रूप से प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत उन शिक्षकों से जुड़ी है, जिनकी नियुक्ति शिक्षक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था लागू होने से पहले हुई थी और जो न्यायालय के आदेश में निर्धारित सेवा संबंधी शर्तों के दायरे में आते हैं।
पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार, सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष रखने वाले कई सेवारत शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना आवश्यक बताया गया है। वहीं सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके शिक्षकों और विशेष श्रेणियों के संबंध में अलग प्रावधान हो सकते हैं।
किस शिक्षक पर परीक्षा की अनिवार्यता लागू होगी, इसका अंतिम निर्धारण विभाग की अधिसूचना, सेवा अभिलेख और न्यायालय के आदेश के अनुसार होगा। शिक्षकों को अपने जिला शिक्षा अधिकारी या संबंधित कार्यालय से अपनी पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
भर्ती परीक्षा नहीं है यह TET
शिक्षकों और अभ्यर्थियों को यह समझना जरूरी है कि यह परीक्षा सीधे नई शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित नहीं की जा रही है। इसका उद्देश्य न्यायालय के आदेश के दायरे में आने वाले सेवारत शिक्षकों को TET योग्यता प्राप्त करने का अवसर देना है।
नई भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल अथवा संबंधित विभाग द्वारा आयोजित परीक्षाओं की प्रक्रिया अलग होगी। सेवारत शिक्षकों की इस परीक्षा में सफलता को उनके सेवा में बने रहने और पात्रता से जोड़ा जा सकता है।
इसलिए नई नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी इसे भर्ती विज्ञापन न समझें। आधिकारिक सूचना जारी होने पर उसमें आवेदकों की पात्रता स्पष्ट की जाएगी।
परीक्षा पास नहीं करने पर क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, निर्धारित श्रेणी के शिक्षकों को तय समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करना होगा। निर्धारित अवधि में पात्रता हासिल नहीं करने पर उनकी सेवा पर प्रभाव पड़ सकता है। पूर्व आदेशों में अनिवार्य सेवानिवृत्ति और नियमानुसार देय सेवा लाभों का उल्लेख भी किया गया है।
हालांकि, प्रत्येक शिक्षक की स्थिति उसकी नियुक्ति की तारीख, सेवानिवृत्ति में शेष अवधि और लागू सेवा नियमों के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी शिक्षक को केवल सामान्य समाचार के आधार पर अपने सेवा संबंधी परिणाम का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
शिक्षकों को समय पर मिलेगी तैयारी की सुविधा
हर वर्ष दो परीक्षाएं आयोजित होने से शिक्षकों को तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकता है। लंबे समय से अध्यापन कर रहे शिक्षकों को परीक्षा के पाठ्यक्रम, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और संबंधित विषयों की तैयारी करनी पड़ सकती है।
विस्तृत पाठ्यक्रम घोषित होने के बाद शिक्षक उसी के अनुसार अध्ययन योजना बना सकेंगे। विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आवेदन की तारीख, परीक्षा कार्यक्रम, पाठ्यक्रम तथा नियम पुस्तिका जारी किए जाने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
फिलहाल शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट तारीखों अथवा आवेदन लिंक पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
