MP Teacher Recruitment: स्कूलों से जुटाया जा रहा खाली पदों का डेटा, शिक्षक भर्ती को लेकर बढ़ी हलचल, जानिए कब होगी बड़ी घोषणा
MP में सरकारी शिक्षक भर्ती को लेकर तैयारियां एक बार फिर तेज होती नजर आ रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले स्कूलों से शिक्षकों के खाली पदों का विस्तृत डेटा जुटाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश के कई जिलों, खासकर सागर और शहडोल में शिक्षा अधिकारियों ने संकुल केंद्रों को पत्र भेजकर सभी स्कूलों में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक शिक्षक भर्ती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस पर मंथन और तैयारी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही लगभग 16 हजार रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।
सागर और शहडोल समेत कई जिलों से जुटाया जा रहा डेटा
जानकारी के अनुसार प्रदेश के अधिकतर जिलों में स्कूलों से शिक्षकों के खाली पदों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सागर और शहडोल जिलों में शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर संकुल केंद्रों से रिपोर्ट मांगी है। कई जगहों से यह जानकारी जिला कार्यालयों तक पहुंच चुकी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी डेटा संकलन का कार्य जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया इसलिए की जा रही है ताकि राज्य में वास्तविक रिक्तियों का सही आकलन किया जा सके और उसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी
वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी लंबे समय से खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब जब स्कूलों से रिक्त पदों का डेटा जुटाने की खबर सामने आई है, तो अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है।
कैंडिडेट्स का कहना है कि यह प्रक्रिया उनके लगातार आंदोलन और मांगों का ही परिणाम है, जिससे अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
परीक्षाओं के बाद भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन से बाहर
अभ्यर्थी मनोज विश्वकर्मा के अनुसार, मध्यप्रदेश में वर्ग-2 शिक्षक पात्रता परीक्षा 2023 और चयन परीक्षा 2025 आयोजित की गई थी, जबकि वर्ग-3 की परीक्षा 2024 और चयन परीक्षा 2025 में हुई थी। इन परीक्षाओं के परिणाम क्रमशः 26 सितंबर 2025 और 28 फरवरी 2026 को जारी किए गए।
इन परीक्षाओं में वर्ग-2 में लगभग 70 हजार और वर्ग-3 में 50 हजार से अधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं। लेकिन वर्तमान में उपलब्ध पदों की संख्या सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में चयनित उम्मीदवारों को नौकरी नहीं मिल पाएगी।
पदों की तुलना में ज्यादा चयनित अभ्यर्थी, बढ़ी चिंता
राज्य सरकार वर्तमान में वर्ग-2 में लगभग 10,150 और वर्ग-3 में 13,089 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चला रही है। लेकिन चयनित अभ्यर्थियों की संख्या इससे कहीं अधिक है। ऐसे में कई मेधावी उम्मीदवार, जिनके अंक 90 प्रतिशत तक हैं, भी भर्ती से बाहर हो सकते हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह स्थिति उनके भविष्य के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि कम अंतर से भी कई उम्मीदवार चयन से बाहर हो रहे हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं—
- वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) में कम से कम 10,000 पदों की वृद्धि कर नई काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए।
- वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) के पदों को बढ़ाकर कम से कम 25,000 किया जाए और दूसरी काउंसलिंग कराई जाए।
- 13,089 पदों में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग कर उनके लिए अलग भर्ती प्रक्रिया निकाली जाए।
- प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित पदों को केवल सामान्य अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित रखा जाए और विशेष शिक्षकों की भर्ती अलग से की जाए।
सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर
फिलहाल सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन स्कूलों से डेटा जुटाने की प्रक्रिया ने यह संकेत जरूर दिए हैं कि आने वाले समय में बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अभ्यर्थियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि सरकार कब तक 16 हजार पदों की भर्ती को लेकर अंतिम निर्णय लेती है।
निष्कर्ष
MP में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्कूलों से रिक्त पदों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया ने यह संकेत दिया है कि सरकार जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। हालांकि, पदों की संख्या और चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं, जिनका जवाब आने वाले समय में ही मिलेगा।
