MP Scooty Yojana: मध्य प्रदेश के करीब 7,500 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात, मुख्यमंत्री ने छात्रा के साथ की सवारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित की सहायता राशि, बोले—प्रतिभा और परिश्रम के सामने गरीबी बाधा नहीं बन सकती
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री निःशुल्क स्कूटी योजना के अंतर्गत प्रदेश के करीब 7,500 छात्र-छात्राओं को स्कूटी खरीदने के लिए सहायता राशि प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत कर उनकी पढ़ाई एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
सरकारी जानकारी में लाभार्थियों की संख्या 7,400 से अधिक बताई गई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसे लगभग 7,500 बताया गया है। योजना का लाभ शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों के उन विद्यार्थियों को दिया गया है, जिन्होंने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
छात्रा के साथ मुख्यमंत्री ने की स्कूटी की सवारी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अलग अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने एक मेधावी छात्रा के साथ स्कूटी की सवारी की और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को अपने साथ देखकर छात्रा और उसके परिजन काफी उत्साहित दिखाई दिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली बच्चे की प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहिए। यदि विद्यार्थी में योग्यता, मेहनत और आगे बढ़ने का संकल्प है तो वह जीवन में बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। सरकार ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य की यात्रा को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
बैंक खातों में भेजी गई स्कूटी की राशि
योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सीधे स्कूटी नहीं दी जाती, बल्कि वाहन खरीदने के लिए निर्धारित सहायता राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। विद्यार्थी योजना के नियमों के अनुसार पेट्रोल स्कूटी या इलेक्ट्रिक स्कूटी का चयन कर सकते हैं।
अलग-अलग मॉडल और वाहन के प्रकार के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि में अंतर हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों को करीब एक लाख से सवा लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि का उपयोग केवल चयनित वाहन की खरीद और उससे जुड़े निर्धारित खर्चों के लिए किया जाना है।
किन विद्यार्थियों को मिला योजना का लाभ?
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का लाभ मध्य प्रदेश के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को दिया जाता है। इसके लिए विद्यार्थी का कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित विद्यार्थी को अपने विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चयन की निर्धारित शर्तों को पूरा करना होता है।
इस वर्ष पात्र विद्यार्थियों के लिए कक्षा 12वीं में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की शर्त की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा विद्यार्थी मध्य प्रदेश के सरकारी विद्यालय का नियमित छात्र होना चाहिए। चयनित विद्यार्थियों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से तैयार की जाती है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनके खातों में राशि भेजी जाती है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश में कई विद्यार्थियों को स्कूल के बाद कॉलेज, कोचिंग संस्थान या प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के सीमित साधनों के कारण छात्र-छात्राओं को नियमित पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई होती है।
सरकार का मानना है कि स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों के समय और परिवहन खर्च की बचत होगी। इसके साथ ही कॉलेज, पुस्तकालय, प्रतियोगी परीक्षा केंद्र और कौशल विकास संस्थानों तक उनकी पहुंच आसान बनेगी। खासतौर पर छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में यह योजना मददगार साबित हो सकती है।
तीन साल तक वाहन बेचने पर प्रतिबंध
योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि से खरीदी गई स्कूटी को निर्धारित अवधि तक बेचा या किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। उपलब्ध नियमों के अनुसार लाभार्थी विद्यार्थी तीन वर्ष तक वाहन की बिक्री अथवा स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सरकार सहायता राशि वापस लेने की कार्रवाई कर सकती है।
विद्यार्थियों को स्कूटी खरीदने के बाद वाहन का पंजीयन, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने होंगे। सरकार की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित वाहन चलाने, हेलमेट का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह भी दी गई।
अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ
मुख्यमंत्री निःशुल्क स्कूटी योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश में अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। पिछले वर्ष भी प्रदेश के 7,832 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कूटी के लिए सहायता प्रदान की गई थी। इस वर्ष 7,400 से अधिक चयनित विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है।
शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को वाहन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनकी मेहनत का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य तय करने, नियमित अध्ययन करने और माता-पिता एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनके सपने और प्रयास बड़े होते हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना पड़े, इसके लिए सरकार लैपटॉप, स्कूटी, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ उच्च शिक्षा के प्रति रुचि भी मजबूत होगी।
