MP School Holiday: शीतलहर का कहर, 24 जिलों में स्कूल बंद कई जगह बदला गया समय
MP में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार बना हुआ है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण MP के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। खासतौर पर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं। लगातार बढ़ती ठंड, घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश के 24 जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं कुछ जिलों में स्कूलों को पूरी तरह बंद करने के बजाय उनके संचालन समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को सुबह की अत्यधिक ठंड से राहत मिल सके।
MP में स्कूलों पर बड़ा फैसला, 1 से 8वीं तक छुट्टी घोषित
ताजा आदेशों के अनुसार, MP के 24 जिलों में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इनमें सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के स्कूल शामिल हैं और यह आदेश सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा। जिन जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, उनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर और नीमच प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन जिलों में स्थानीय मौसम की गंभीरता और तापमान को देखते हुए कलेक्टरों ने अलग-अलग तारीखों तक अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों पर ठंड का असर जल्दी पड़ता है, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को कुछ दिनों के लिए स्कूल से राहत दी गई है।

भोपाल और ग्वालियर में 10 जनवरी तक स्कूल बंद
MP की राजधानी भोपाल में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। यहां सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सरकारी, निजी और सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा। इसी तरह ग्वालियर संभाग में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है। ग्वालियर जिला प्रशासन ने 7 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो आगे भी छुट्टियों की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
MP के चार जिलों में स्कूलों का समय बदला गया
कुछ जिलों में प्रशासन ने स्कूलों को पूरी तरह बंद करने के बजाय उनके समय में बदलाव करने का फैसला लिया है। जबलपुर, रीवा, सतना और सीधी जिलों में अब स्कूल सुबह देर से खोले जाएंगे। नए आदेश के अनुसार, इन जिलों में स्कूलों का संचालन सुबह 10 बजे या उसके बाद किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य यह है कि बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड और कोहरे में घर से निकलने से बचाया जा सके। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को पैदल या साइकिल से स्कूल जाना पड़ता है, ऐसे में ठंड का जोखिम और बढ़ जाता है। समय में बदलाव से बच्चों और अभिभावकों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अलर्ट और आगे की चेतावनी
मौसम विभाग ने MP के लिए शीतलहर और ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से लगातार ठंडी हवाएं आ रही हैं, जिसके कारण तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। इसके अलावा, सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए निर्देश
MP प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पूरी सावधानी बरतें। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचाएं और सर्दी से संबंधित किसी भी लक्षण पर तुरंत ध्यान दें। साथ ही स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेश की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
