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मध्य प्रदेश Vidhansabha में विशेष सत्र: विजन 2047 पर मंथन

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Published On: 17 December 2025
Roadmap 2047,

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मध्य प्रदेश Vidhansabha का विशेष सत्र: विकसित राज्य के संकल्प के साथ

मध्य प्रदेश Vidhansabha की 69वीं वर्षगांठ के अवसर पर 17 दिसंबर 2025 को Vidhansabha अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र राज्य को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के रूप में स्थापित करने के विजन 2047 को केंद्र में रखकर बुलाया गया है। इस सत्र में भाजपा और कांग्रेस के सभी सदस्य अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे।

Vidhansabha अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 17 दिसंबर Vidhansabha के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश की Vidhansabha की पहली बैठक हुई थी। इस ऐतिहासिक दिन पर आयोजित होने वाले विशेष सत्र का उद्देश्य केवल स्थापना का उत्सव नहीं है, बल्कि प्रदेश के भविष्य की दिशा पर विस्तृत मंथन करना है। सत्र में सभी सदस्य विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए आवश्यक कदमों, नीतियों और सुझावों पर विचार करेंगे।

विशेष सत्र का ऐतिहासिक महत्व

मध्य प्रदेश Vidhansabha में लगभग दस वर्षों के अंतराल के बाद विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में ऐसा सत्र हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन तथा वर्ष 1997 में स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भी विशेष सत्र बुलाए गए थे।

वर्तमान सत्र विकसित मध्यप्रदेश विजन 2047 के रोडमैप पर आधारित होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश को 2047 तक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। इस विशेष सत्र में जनप्रतिनिधियों से रोडमैप पर सुझाव और विचार आमंत्रित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, समावेशी विकास को गति देना और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना है।

राज्यपाल करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन

विशेष सत्र के अवसर पर मध्य प्रदेश Vidhansabha परिसर में राज्य की सात दशकों की यात्रा और राज्य सरकार के पिछले दो वर्षों के विकास कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक भव्य चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा 17 दिसंबर को प्रातः 10 बजे किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में Vidhansabha अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मंत्रीगण, विधायक, पूर्व विधायक और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।

चित्र प्रदर्शनी की विशेषताएं

प्रदर्शनी में कुल 136 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें कई दुर्लभ और ऐतिहासिक छायाचित्र शामिल हैं। ये चित्र पहली विधानसभा से लेकर वर्तमान सोलहवीं विधानसभा तक के प्रमुख अवसरों और घटनाक्रमों को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार के बीते दो वर्षों के विकास कार्यों और उपलब्धियों की झलक भी प्रदर्शनी में दिखाई जाएगी।

यह प्रदर्शनी प्रदेश के पांच हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों के योगदान को भी रेखांकित करती है। इसके माध्यम से जनता को यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि विकास का मार्ग तभी संभव है जब सभी प्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का पालन करें और जनता के हित में कार्य करें।

विकसित मध्यप्रदेश: रोडमैप और लक्ष्य

विकसित मध्यप्रदेश का विजन 2047 प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को लेकर एक सशक्त और व्यापक योजना प्रस्तुत करता है। इस रोडमैप के मुख्य बिंदु हैं:

  1. आर्थिक विकास – उद्योग, कृषि और सेवाओं के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना।

  2. शिक्षा एवं कौशल विकास – सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र।

  3. स्वास्थ्य सेवाएं – ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।

  4. सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण – हरित ऊर्जा और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान।

  5. डिजिटल मध्यप्रदेश – प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवा में डिजिटल तकनीक का प्रयोग।

सत्र में उपस्थित सभी सदस्य इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और मंथन करेंगे ताकि मध्यप्रदेश के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

विशेष सत्र की तैयारी और आयोजन

सत्र की तैयारी व्यापक रूप से की गई है। विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्र के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, मीडिया कवरेज और जनप्रतिनिधियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है।

सत्र में भाजपा और कांग्रेस के वक्ता अपने विचार रखेंगे। विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श और सुझावों का संकलन करके राज्य सरकार को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

17 दिसंबर का यह विशेष सत्र मध्यप्रदेश Vidhansabha के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल राज्य के विकास की दिशा तय करेगा बल्कि राज्य सरकार के विकास प्रयासों की समीक्षा और भविष्य की योजना बनाने का अवसर भी प्रदान करेगा।

सत्र के साथ आयोजित चित्र प्रदर्शनी जनता को विकास की कहानी और जनप्रतिनिधियों के योगदान से रूबरू कराएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि विकसित और समृद्ध मध्यप्रदेश का सपना केवल योजनाओं में ही नहीं बल्कि उनके कार्यान्वयन और समाज में उनके प्रभाव में भी देखा जाएगा।

मध्यप्रदेश का यह विशेष सत्र विकास, समावेश और भविष्य की दिशा के प्रति राज्य के नेतृत्व की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा और प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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