MP Rewa Sidhi ED Raid में ED ने रीवा और सीधी के तीन बड़े ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की। करोड़ों के वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच जारी है। जानिए पूरी खबर।
MP Rewa Sidhi ED Raid: रीवा और सीधी में ED का बड़ा एक्शन, तीन ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी
MP Rewa Sidhi ED Raid के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के रीवा और सीधी जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई।सूत्रों के अनुसार, ED की अलग-अलग टीमों ने रीवा और सीधी में कई स्थानों पर एक साथ दबिश देकर दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की।
MP Rewa Sidhi ED Raid: सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ED की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ सुबह करीब 6 बजे रीवा के इंद्रा नगर क्षेत्र में पहुंची। यहां संविदाकार त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा के आवास और कार्यालय परिसर में जांच शुरू की गई।टीम ने घर और कार्यालय को घेरकर दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले गए।अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की।
किन ठेकेदारों के यहां पहुंची ED?
ED की कार्रवाई जिन प्रमुख लोगों पर केंद्रित रही, उनमें शामिल हैं:
H3: त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा
त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा लंबे समय से पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े रहे हैं।
H3: कृष्णकांत सोहगौरा
रीवा के चर्चित ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा के यहां भी ED टीम पहुंची और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
H3: सौरभ सोहगौरा
कृष्णकांत सोहगौरा से जुड़े कारोबारी गतिविधियों की जांच के तहत सौरभ सोहगौरा के ठिकानों की भी तलाशी ली गई।
MP Rewa Sidhi ED Raid में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को संदेह है कि सरकारी ठेकों से जुड़े धन का उपयोग शेल कंपनियों के माध्यम से किया गया।ED यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं सरकारी राशि को अन्य कंपनियों या निजी संपत्तियों में निवेश तो नहीं किया गया।इसी आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच के प्रमुख बिंदु
- बैंक खातों की जांच
- संपत्ति दस्तावेजों का सत्यापन
- कंपनी रिकॉर्ड की पड़ताल
- डिजिटल लेनदेन की समीक्षा
- शेल कंपनियों की भूमिका की जांच
सीधी में स्वामी चरण सिंह के यहां भी छापा
सीधी जिले के बढ़ौना गांव में संविदाकार एवं सुअर फार्म संचालक स्वामी चरण सिंह के आवास पर भी ED की लगभग 15 सदस्यीय टीम पहुंची।कई घंटों तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की।स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
MP Rewa Sidhi ED Raid: क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ वर्षों में रीवा, सीधी, सतना और मऊगंज जिलों में कई बड़े निर्माण कार्यों और सरकारी परियोजनाओं के आवंटन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।सूत्रों के अनुसार ED को कुछ ऐसे वित्तीय दस्तावेज मिले थे जिनके आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू हुई। इसके बाद मिले इनपुट के आधार पर शुक्रवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई।हालांकि जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो:
- संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है।
- संबंधित लोगों से विस्तृत पूछताछ हो सकती है।
- बैंक खातों की फोरेंसिक जांच हो सकती है।
- PMLA के तहत आगे की कार्रवाई संभव है।
निष्कर्ष
MP Rewa Sidhi ED Raid ने पूरे विंध्य क्षेत्र में हलचल मचा दी है। रीवा और सीधी के चर्चित ठेकेदारों के यहां हुई इस कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें ED की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच एजेंसी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


