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MP Rajya Sabha Elections 2026: अप्रैल-मई में तीन सीटें खाली, जानिए दावेदार कौन हैं

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Published On: 15 January 2026
Who Will Go to Rajya Sabha from MP? Three Seats to Vacate Between April-June
— Who Will Go to Rajya Sabha from MP? Three Seats to Vacate Between April-June

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MP से कौन जाएंगे Rajya Sabha? अप्रैल-जून में तीन सीटें होंगी खाली

भोपाल। मध्य प्रदेश (MP) में इस साल अप्रैल से जून के बीच राज्यसभा (Rajya Sabha) की तीन सीटें खाली होने वाली हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और दोनों प्रमुख दल – भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस – अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इस बार खाली होने वाली तीन सीटों में से दो बीजेपी के पास हैं और एक कांग्रेस के खाते में। चुनाव प्रक्रिया में विधायकों के वोट से सांसद चुने जाएंगे, इसलिए पार्टी की विधानसभा शक्ति इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगी।

BJP के लिए सस्पेंस: सुमेर सोलंकी और जॉर्ज कुरियन की सीटें

BJP के वर्तमान सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा भेजा जा सकता है, जबकि सुमेर सोलंकी पर सस्पेंस है। पार्टी के अंदर यह बहस चल रही है कि उन्हें दोबारा मौका दिया जाए या किसी नए चेहरे को मौका दिया जाए। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी इस बार युवा नेताओं को भी मौका देने पर विचार कर रही है, जिससे पार्टी में नेतृत्व का नया ढांचा भी सामने आए।

BJP में संभावित दावेदार

BJP में इस बार कई दावेदार हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विनोद गोटिया, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, कांग्रेस से बीजेपी में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी में युवा नेताओं और साधु-संतों के लिए भी चर्चा चल रही है। कुछ सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार तय करेगी।

Congress की स्थिति और दावेदार

Congress की तरफ से दिग्विजय सिंह की सीट खाली हो रही है। दिग्गी ने तीसरी बार राज्यसभा जाने से मना कर दिया है, जिससे कांग्रेस में दावेदारी शुरू हो गई है। संभावित दावेदारों में पूर्व सांसद नकुलनाथ, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और दलित नेता प्रदीप अहिरवार शामिल हैं। पार्टी में युवा नेताओं को मौका देने की भी संभावना है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें संगठन में मजबूत भूमिका दी जा सके।

मध्य प्रदेश में Rajya Sabha का वर्तमान परिदृश्य

मध्य प्रदेश में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिनमें 8 बीजेपी के पास हैं और 3 कांग्रेस के खाते में हैं। इस बार खाली होने वाली तीन सीटों के लिए बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है। 9 अप्रैल को दिग्विजय सिंह और सुमेर सोलंकी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 में खत्म होगा। इससे राज्य में राजनीतिक हलचल और भी बढ़ गई है।

चुनाव प्रक्रिया और रणनीति

राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी की मजबूत संख्या के कारण दो सीटों पर पार्टी का दांव लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस को अपनी सीट बचाने के लिए भी रणनीति बनाने की जरूरत है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, पार्टी नेताओं की प्राथमिकता, क्षेत्रीय समीकरण और पिछली चुनावी नीतियों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार तय होंगे।

पिछली बार के चुनाव और उनकी महत्वपूर्णता

पिछली बार राज्यसभा चुनावों में बीजेपी ने अपनी विधानसभा संख्या के बल पर आसानी से अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाई थी। कांग्रेस के लिए चुनौती यह है कि वे अपनी सीट सुरक्षित रखें और पार्टी की राजनीति में संतुलन बनाए रखें। राज्यसभा में सीटों की संख्या से संसद में दोनों दलों की ताकत पर भी असर पड़ता है।

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संभावित नए चेहरे और राजनीतिक महत्व

BJP और Congress दोनों ही दल इस बार नए और युवा चेहरे को मौका देने पर विचार कर रहे हैं। यह न केवल आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन में नई ऊर्जा लाएगा, बल्कि राज्यसभा में भी युवा नेतृत्व का प्रभाव बढ़ाएगा। बीजेपी में साधु-संतों के समर्थन को भी ध्यान में रखा जा रहा है, जिससे पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत हो सके।

विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव केवल सीट जीतने का खेल नहीं है, बल्कि यह भविष्य की रणनीति तय करने का भी अवसर है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपनी सीटों पर नजर बनाए रखने के साथ-साथ नए संभावित नेताओं को भी मंच देना चाहती हैं। सियासी समीकरणों के अनुसार, इस बार राज्यसभा चुनाव में रणनीति और उम्मीदवारों की भूमिका निर्णायक साबित होगी।

निष्कर्ष

इस बार अप्रैल-जून में मध्य प्रदेश से होने वाले राज्यसभा चुनाव में तीन सीटें खाली होंगी, जिसमें दो BJP और एक कांग्रेस की होंगी। बीजेपी के लिए सुमेर सोलंकी और जॉर्ज कुरियन की सीटें महत्वपूर्ण हैं, जबकि कांग्रेस के लिए दिग्विजय सिंह की सीट पर चुनाव प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होगी। राजनीतिक हलचल, संभावित उम्मीदवारों की सूची और रणनीतियां यह तय करेंगी कि कौन से नेता राज्यसभा में प्रवेश करेंगे।

राज्यसभा चुनाव न केवल राजनीतिक शक्ति का संकेत देते हैं, बल्कि यह आगामी विधानसभा और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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