MP Rajya Sabha Election 2026: तीसरी सीट पर बढ़ा सियासी संग्राम,
राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट पर सियासी घमासान
MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। तीसरी सीट पर संख्या बल स्पष्ट नहीं होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हार्स ट्रेडिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
जहां भाजपा का दावा है कि उसे चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है, वहीं कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा धनबल और दबाव की राजनीति के जरिए उसके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने लगाया लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि भाजपा के पास तीसरी सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि तीसरे उम्मीदवार को उतारने का मतलब साफ है कि भाजपा कांग्रेस विधायकों को खरीदने का प्रयास कर रही है।
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और किसी भी प्रकार के प्रलोभन में नहीं आने वाले। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सभी विधायक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़े हैं और भाजपा की रणनीति सफल नहीं होगी।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा तीसरी सीट पर जीत के इरादे से चुनाव लड़ रही है और किसी भी विधायक से संपर्क करने या खरीद-फरोख्त जैसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं है।
खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस को अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करता है तो भाजपा उसका स्वागत करेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम और असमंजस की स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं के बयानों में भी एकरूपता दिखाई नहीं दे रही है।
कैलाश विजयवर्गीय बोले- चुनाव लड़ना हमारा अधिकार
प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना लोकतांत्रिक अधिकार है और भाजपा उसी अधिकार का उपयोग कर रही है।
विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी के पास अतिरिक्त वोट हैं और इसी आधार पर तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकास और स्थिरता के मुद्दे पर अन्य विधायक भी भाजपा के उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं।
कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों की बाड़ाबंदी किए जाने के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्हें प्रदेश से बाहर ले जाया जा रहा है। भाजपा को अपने विधायकों पर पूरा विश्वास है।
राज्यसभा चुनाव में ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की चर्चा
तीसरी सीट के चुनावी गणित ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की भी चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि वह अपने विधायकों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव और प्रलोभन से बचाने के लिए यह कदम उठा रही है।
भाजपा उम्मीदवार महेश केवट ने दिया बोर्ड अध्यक्ष पद से इस्तीफा
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद महेश केवट ने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्य सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।
महेश केवट पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रमुख भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं और पार्टी ने उन्हें तीसरी सीट के लिए मैदान में उतारकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
महेश केवट की संपत्ति का ब्यौरा
नामांकन पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार महेश केवट के पास लगभग 2.53 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसमें आवासीय संपत्ति और कृषि भूमि शामिल हैं।
इसके अलावा उनके पास करीब 20.70 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें नकदी, वाहन और सोने के आभूषण शामिल हैं। उनकी पत्नी के पास भी चल संपत्ति दर्ज है। शपथ पत्र के अनुसार उन पर लगभग 8.35 लाख रुपये की देनदारियां हैं।
महेश केवट ने अपने हलफनामे में किसी भी आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया है। उनकी आय का मुख्य स्रोत व्यवसाय बताया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की संपत्ति
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन द्वारा दाखिल शपथ पत्र के अनुसार उनके नाम पर कोई कृषि भूमि, व्यावसायिक भवन या आवासीय संपत्ति नहीं है।
उनके पास वर्ष 2021 में खरीदी गई एक टाटा टियागो कार है, जिसकी वर्तमान अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई है। उनके पास 35 हजार रुपये नकद हैं, जबकि बैंक जमा, निवेश और अन्य बचत के साथ सोने के आभूषणों का कुल मूल्य लगभग 1.35 करोड़ रुपये है।
तीसरी सीट का चुनाव क्यों बना दिलचस्प?
राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसके लिए आवश्यक वोटों का गणित बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रॉस वोटिंग होती है या निर्दलीय एवं छोटे दलों के विधायक किसी एक पक्ष का समर्थन करते हैं, तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है।
इसी वजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं और लगातार एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगा रही हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। भाजपा तीसरी सीट जीतने का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे विधायकों को तोड़ने की कोशिश बता रही है। चुनाव परिणाम चाहे जो हों, लेकिन इस सीट को लेकर जारी सियासी खींचतान आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब सभी की नजरें मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।
