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MP Rail Connectivity: इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन से बदलेगा प्रदेश का रेल नेटवर्क, इंदौर-जबलपुर दूरी होगी 74 KM तक कम

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Published On: 19 August 2026
MP Rail Connectivity
— MP Rail Connectivity को मिलेगी नई रफ्तार!

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MP Rail Connectivity: इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन से बदलेगा प्रदेश का रेल नेटवर्क, इंदौर-जबलपुर दूरी होगी 74 KM तक कम

MP Rail Connectivity: मध्य प्रदेश में बन रही इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन राज्य की रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है। करीब 205 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर और जबलपुर के बीच रेल दूरी लगभग 68 से 74 किलोमीटर तक कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को मध्य तथा पूर्वी क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक नया वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा।

7,500 करोड़ रुपये की परियोजना

इंदौर-बुधनी रेल लाइन परियोजना पर करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। परियोजना का निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। रेलवे से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई रेल लाइन बनने के बाद इंदौर से जबलपुर के बीच मौजूदा रेल मार्ग की तुलना में दूरी काफी कम हो जाएगी। फिलहाल इंदौर से जबलपुर जाने वाली कई ट्रेनों को भोपाल और इटारसी होकर गुजरना पड़ता है। इससे यात्रा की दूरी और समय दोनों बढ़ जाते हैं। नई लाइन इस लंबे रूट का विकल्प उपलब्ध कराएगी।

इंदौर-जबलपुर के बीच घटेगी दूरी

वर्तमान व्यवस्था में इंदौर और जबलपुर के बीच रेल दूरी करीब 554 किलोमीटर बताई जाती है। नई रेल लाइन के निर्माण के बाद इसमें लगभग 68 से 74 किलोमीटर तक की कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही यात्रियों के सफर में करीब एक से दो घंटे तक की बचत होने की उम्मीद है।

यह परियोजना केवल यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होगी, बल्कि माल परिवहन के लिहाज से भी मध्य प्रदेश के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। मालवा क्षेत्र और महाकौशल के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होने से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

इटारसी रेल मार्ग पर कम होगा दबाव

मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क में भोपाल और इटारसी महत्वपूर्ण जंक्शन हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश से आने-जाने वाली बड़ी संख्या में ट्रेनों को इन मार्गों से गुजरना पड़ता है। इससे कई बार रेल नेटवर्क पर परिचालन दबाव बढ़ जाता है।

इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन इस दबाव को कम करने में मदद करेगी। रेलवे को एक अतिरिक्त और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। खासकर जबलपुर की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए यह नया मार्ग काफी अहम होगा।

नागपुर, मुंबई और हैदराबाद की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नई रेल लाइन के शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जबलपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को बुधनी के रास्ते दक्षिण भारत की दिशा में जाने का वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।

इससे नागपुर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के साथ रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। दक्षिण भारत से उत्तर भारत की तरफ आने वाली ट्रेनों के लिए भी जबलपुर के रास्ते प्रयागराज, वाराणसी और बिहार की ओर जाने का विकल्प बेहतर हो सकता है।

इस परियोजना से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेंगे।

8.64 किलोमीटर लंबी सुरंग बनेगी खास आकर्षण

इंदौर-बुधनी रेल लाइन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक धंतलाब घाट क्षेत्र में बनने वाली 8.64 किलोमीटर लंबी रेल सुरंग है। यह सुरंग परियोजना के तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल है।

पूरी परियोजना को लेवल क्रॉसिंग से मुक्त रखने की योजना है। इससे रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में इस मार्ग पर ट्रेनों की गति और संचालन क्षमता को बेहतर बनाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

मालवा और महाकौशल के बीच मजबूत होगा संपर्क

इंदौर-बुधनी रेल लाइन के निर्माण से सिर्फ इंदौर और जबलपुर के बीच दूरी कम नहीं होगी, बल्कि मालवा और महाकौशल क्षेत्रों के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संपर्क भी मजबूत होगा।

इंदौर मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है, जबकि जबलपुर पूर्वी और महाकौशल क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहर है। दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को फायदा मिल सकता है।

इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी नई रेल लाइन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी से मध्य प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक यात्रियों की पहुंच आसान होने की संभावना है।

2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य

इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन परियोजना का काम रेलवे विकास से जुड़ी एजेंसियों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं।

करीब 205 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, वास्तविक समय-सीमा निर्माण की प्रगति, भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

कुल मिलाकर, इंदौर-बुधनी रेल लाइन मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक कॉरिडोर जोड़ सकती है। इससे इंदौर-जबलपुर के बीच दूरी कम होने के साथ ही इटारसी रूट पर दबाव घटेगा और नागपुर, मुंबई, हैदराबाद सहित दक्षिण भारत के कई बड़े शहरों के लिए रेल कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिलेगा।

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