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MP News: Jabalpur मेडिकल कॉलेज में Ragging का मामला – 8 MBBS छात्रों को 6 महीने के लिए निलंबित, हॉस्टल से निष्कासित

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Published On: 31 January 2026
MP News: Ragging Incident at Jabalpur Medical College – 8 MBBS Students Suspended for 6 Months, Expelled from Hostel
— MP News: Ragging Incident at Jabalpur Medical College – 8 MBBS Students Suspended for 6 Months, Expelled from Hostel

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Ragging के आरोप में सख्त कार्रवाई

Jabalpur के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में Ragging के आरोप में आठ MBBS छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह निलंबन न केवल कक्षाओं पर लागू होगा, बल्कि दोषी छात्रों को हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराया गया तो छात्रों के खिलाफ स्थायी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि यह कार्रवाई छात्रों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि रैगिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उठाया गया है, जो छात्रों और नए प्रवेशियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।

Anti-Ragging कमेटी की जांच

कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी-रैगिंग कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने हॉस्टल क्रमांक 1 और 4 में घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित छात्रों से साक्षात्कार लिया। जांच में पुष्टि हुई कि जूनियर छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि सीनियर छात्रों ने कक्षाओं और हॉस्टल में विभिन्न तरीकों से जूनियर छात्रों को डराने और मानसिक दबाव में रखने का प्रयास किया। कॉलेज ने इस तरह के व्यवहार को गंभीर अनुशासनिक उल्लंघन माना।

Raggingघटना का पूरा विवरण

घटना 2024 बैच के जूनियर छात्रों के साथ हुई। आरोप है कि हॉस्टल क्रमांक 1 में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों पर लगातार दबाव डाला और उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। पीड़ित छात्रों ने शिकायत की कि जब वे हॉस्टल क्रमांक 4 में स्थानांतरित होते हैं, तो सीनियर छात्रों का उत्पीड़न जारी रहता है।

जांच में पता चला कि इस तरह की घटनाएं केवल शारीरिक प्रताड़ना तक सीमित नहीं थीं, बल्कि छात्रों को डराने और मानसिक तनाव में डालने के लिए भी की जाती थीं। शिकायत मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एंटी-रैगिंग कमेटी को मामले की जांच के लिए नियुक्त किया।

दोषी छात्रों ने कबूल की गलती

जांच के दौरान 2023 बैच के आठ छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने माना कि उन्होंने जूनियर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें मानसिक दबाव में डाला। सीनियर छात्रों के कबूलनामे और पीड़ित छात्रों की शिकायतों के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें दोषी पाया।

एंटी-रैगिंग कमेटी की सिफारिश के आधार पर कॉलेज ने छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित किया और हॉस्टल से निष्कासित किया। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

रैगिंग पर कानून और NMC के नियम

रैगिंग भारत में गंभीर अपराध माना जाता है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के अनुसार, किसी भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ भेदभाव या उत्पीड़न करने पर कठोर कार्रवाई की जाती है। रैगिंग के तहत शारीरिक चोट, मानसिक प्रताड़ना, धमकाना, अपमान या किसी भी प्रकार का डर पैदा करना शामिल है।

कालेजों को यह सुनिश्चित करना होता है कि नए प्रवेशियों को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिले। इस मामले में कॉलेज ने सही समय पर एंटी-रैगिंग कमेटी का गठन कर और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करके NMC के नियमों का पालन किया।

छात्रों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

पीड़ित छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा लगातार दबाव बनाया जाता था, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इससे अन्य छात्रों के लिए भी संदेश गया कि रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई केवल दोषी छात्रों के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे संस्थान में अनुशासन बनाए रखने और सभी छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी रैगिंग या अनुशासनिक उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कॉलेज में आगे की योजना

कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि हॉस्टल और कक्षाओं में निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, नए प्रवेशियों को रैगिंग से बचाने के लिए orientation sessions और awareness programs आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासन ने यह भी घोषणा की कि एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि छात्र किसी भी घटना की तुरंत शिकायत कर सकें। यह कदम छात्रों के मानसिक और शारीरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।

निष्कर्ष

Jabalpur मेडिकल कॉलेज ने Ragging के इस गंभीर मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करके स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी छात्र के खिलाफ भेदभाव, उत्पीड़न या धमकाने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित करना, हॉस्टल से निष्कासित करना और जुर्माना लगाना इस बात का उदाहरण है कि मेडिकल कॉलेज में अनुशासन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से रैगिंग जैसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जा सकती है और छात्रों को सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान किया जा सकता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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