MP Politics News: विभागों की समीक्षा पर सियासत तेज—क्या गड़बड़ी और घोटालों पर मंत्री देंगे इस्तीफा? जीतू पटवारी का बड़ा हमला, BJP का पलटवार
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति (MP Politics) एक बार फिर गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विभागों की समीक्षा बैठकों (MP Department Review Meeting) की शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि राज्य सरकार विभागों में हो रहे घोटालों, गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार पर मौन क्यों है, और यदि समीक्षा ही हो रही है तो क्या मुख्यमंत्री जिम्मेदार मंत्रियों से इस्तीफा भी लेंगे?
यह बयान आते ही प्रदेश की सियासत गरमा गई। भाजपा ने भी तत्काल जवाब देते हुए कहा कि मोहन यादव सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर चल रही है, इसलिए विभागों की समीक्षा स्वाभाविक है।
कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का तीखा हमला—“क्या CM मंत्रियों से इस्तीफा लेंगे?”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने कई विभागों और मंत्रियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि:
1. कृषि, राजस्व, सहकारिता, स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग में गड़बड़ियाँ
पटवारी ने आरोप लगाया कि इन विभागों में लगातार अनियमितताओं और घोटालों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने पूछा—
“क्या मुख्यमंत्री इन विभागों की गड़बड़ियों पर संबंधित मंत्रियों से इस्तीफा लेंगे?”
2. सड़कों और पुलों के धंसने पर पीडब्ल्यूडी पर सवाल
हाल ही में कुछ हिस्सों में सड़कें और पुल बैठने की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा—
“क्या पीडब्ल्यूडी मंत्री से जवाब लिया गया? क्या उनका इस्तीफा मांगा जाएगा?”
3. स्मार्ट मीटर पर लोगों में भारी आक्रोश
उन्होंने आरोप लगाया—
“स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर हजारों रुपये के बिल थोपे जा रहे हैं। कमीशनबाजी चल रही है। क्या ऊर्जा मंत्री इसका जवाब देंगे?”
4. कफ सिरप और अस्पतालों की घटनाओं पर स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल
एमवाय अस्पताल (MY Hospital) और दवाइयों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा—
“जब स्वास्थ्य विभाग में गंभीर लापरवाही हो रही है, तो क्या स्वास्थ्य मंत्री को हटाया जाएगा?”
5. वित्त मंत्री का ड्रग्स तस्करों के साथ फोटो
पटवारी ने दावा किया कि वित्त मंत्री की तस्करों के साथ फोटो वायरल हुई थी।
उन्होंने सवाल दागा—
“क्या सरकार ने उस मामले में पूछताछ की? क्या इससे जुड़े तथ्यों की समीक्षा होगी?”
“विधायकों का वेतन बढ़ेगा लेकिन 26 विभागों की सैलरी तक नहीं”—पटवारी का बड़ा आरोप
जीतू पटवारी ने दावा किया कि राज्य में वित्तीय स्थिति बिगड़ती जा रही है।
उनके अनुसार:
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26 विभागों के कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है
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सरकार विधायकों का वेतन बढ़ाने की तैयारी कर रही है
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लेकिन कर्मचारियों की समस्याएँ अनसुनी हैं
उन्होंने भाजपा विधायकों को चुनौती दी—
“बिना रिश्वत एक कार्यकर्ता का काम करवाकर दिखाएं।”
महिला एवं बाल विकास विभाग में रिश्वत के आरोप
पटवारी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में खुद मंत्री पर नियुक्तियों में रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने तंज कसा—
“मंत्री खुद को ईमानदार बताएं, लेकिन जनता सब जानती है। सभी मंत्री जनता को लूटने में लगे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
“अब कांग्रेस खुद भी हर विभाग की समीक्षा करेगी।”
बीजेपी नेता की दबंगई का भी मुद्दा उठाया
उन्होंने एक वायरल वीडियो का जिक्र किया जिसमें भाजपा नेता वीरेंद्र पाठक पर अपनी कार से युवक को कुचलने का आरोप लगा है।
इस घटना को लेकर पटवारी ने कहा—
“भाजपा नेताओं को सत्ता का घमंड चढ़ा हुआ है। इस तरह की घटनाएं सरकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।”
MP RTO में फर्जी साइन का मामला भी जुड़ा विवाद में
उन्होंने हाल ही में सामने आए परिवहन विभाग (MP RTO Scam) के उस मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें फर्जी हस्ताक्षरों से विभागीय जांच बंद करने के आदेश जारी किए गए।
पटवारी का कहना था कि
“इस सरकार में भ्रष्टाचार का ऐसा जाल है कि अब आदेश तक फर्जी बनाए जा रहे हैं।”
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का पलटवार—“कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके”
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी आक्रामक रुख अपनाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा:
1. “हमारी सरकार पारदर्शी और जवाबदेह”
खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विभागों की समीक्षा इसीलिए कर रहे हैं ताकि जनता को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।
2. “कांग्रेस जनता की हितैषी होती तो आज सत्ता में होती”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार रहते हुए भी जनता की भलाई के बजाय राजनीति करती रही।
3. “जनता हर बार भाजपा पर भरोसा जताती है”
खंडेलवाल ने दावा किया कि मोहन यादव सरकार पूर्ण ईमानदारी से काम कर रही है,
और जनता भाजपा के शासन पर लगातार विश्वास करती है।
