भोपाल से दिल्ली तक चली मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात, सियासी रणनीति पर उठ रहे सवाल
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों हलचल में है। बीते सप्ताह सीएम मोहन यादव की कई वरिष्ठ नेताओं से लगातार मुलाकातें सामने आई हैं, जिन्हें अभी तक केवल औपचारिक बताया जा रहा है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें सिर्फ सामान्य नहीं बल्कि बोर्ड और निगमों में आगामी नियुक्तियों की रणनीति से जुड़ी हो सकती हैं।
शिवराज सिंह चौहान से दो अहम मुलाकातें
सीएम मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से हाल ही में दो बार भेंट की। पहली मुलाकात भोपाल में हुई, जबकि दूसरी दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान के आवास पर हुई। इस दौरान मोहन यादव ने उन्हें एक वैदिक घड़ी भेंट की। हालांकि, सरकार की ओर से इसे केवल सौजन्य मुलाकात बताया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष से भी हुई बातचीत
मुलाकातों का सिलसिला केवल केंद्रीय नेताओं तक सीमित नहीं रहा। मोहन यादव ने भोपाल में विधानसभा अध्यक्ष से भी बातचीत की, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बोर्ड और निगमों में नियुक्तियों की संभावना
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश में कई बोर्ड और निगम अध्यक्ष के पद फिलहाल खाली हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि मोहन यादव की ये लगातार मुलाकातें इन पदों पर नियुक्तियों की तैयारी से जुड़ी हो सकती हैं। सरकार और संगठन का लक्ष्य प्रतीक्षित पदों के लिए सभी दलों और खेमों का संतुलन बनाना है।
कैबिनेट विस्तार की अटकलें
बीते दिनों सीएम हाउस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें बोर्ड, निगम और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। अटकलें हैं कि भविष्य में कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश की सियासी बिसात पर ये मुलाकातें नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं, और आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और बढ़ सकती है।

