MP Police Recruitment: बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं के लिए बनेंगी विशेष पुलिस कंपनियां, CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा
खंडवा में नई पुलिस बटालियन होगी स्थापित, औद्योगिक सुरक्षा बल की भी दो बटालियन बनाने की तैयारी
भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग को मजबूत करने और आदिवासी युवाओं को पुलिस सेवा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों के युवाओं के लिए पुलिस में विशेष कंपनियों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही खंडवा में एक नई पुलिस बटालियन स्थापित करने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में आयोजित पुलिस विभाग के अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग में पदोन्नति और भर्ती से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सम्मान के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने, लंबित भर्तियों को पूरा करने और पुलिसकर्मियों की पदोन्नति से जुड़े विषयों पर भी सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं के लिए विशेष पुलिस कंपनियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को पुलिस सेवा में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं की विशेष पुलिस कंपनियां गठित की जाएंगी। सरकार का यह कदम आदिवासी युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पुलिस बल में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैगा, भारिया और सहरिया मध्य प्रदेश की प्रमुख विशेष पिछड़ी जनजातियों में शामिल हैं। इन समुदायों के युवाओं को मुख्यधारा की रोजगार व्यवस्था से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर विशेष योजनाएं संचालित की जाती रही हैं। अब पुलिस विभाग में विशेष कंपनियों के गठन की घोषणा से इन समुदायों के युवाओं के लिए सरकारी सेवा का नया अवसर तैयार होगा।
हालांकि इन विशेष कंपनियों में भर्ती की प्रक्रिया, पदों की संख्या, शैक्षणिक योग्यता और चयन के अन्य नियमों को लेकर विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से बाद में जारी की जाएगी।
खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा भी की। नई बटालियन के गठन से प्रदेश के पुलिस बल को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की तैनाती में इससे मदद मिल सकती है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की दो बटालियन गठित करने की बात भी कही। इसकी शुरुआत पहले चरण में एक बटालियन से की जाएगी। औद्योगिक और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
27 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मिली पदोन्नति
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में हुई पदोन्नतियों और नई भर्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27,534 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विभागीय और तकनीकी कारणों के चलते पुलिसकर्मियों की पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए।
उन्होंने कहा कि अब सरकार पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दे रही है।
2023 से अब तक 14 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों का चयन
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2023 से अब तक मध्य प्रदेश पुलिस के विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक पुलिसकर्मियों का चयन किया जा चुका है। इसके अलावा 9,751 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
सरकार का फोकस पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने पर भी है। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि प्रदेश पुलिस विभाग में अभी भी लगभग 20 हजार पद रिक्त हैं।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जिन पदों पर भर्ती शेष है, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
जल्द बनेगा मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड
मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और नियमित करने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि भर्ती बोर्ड के गठन के बाद पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
पुलिस विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरना सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। बड़ी संख्या में रिक्त पदों के कारण मौजूदा पुलिस बल पर काम का दबाव बढ़ता है। ऐसे में नई भर्तियों के जरिए पुलिस बल की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का बल ही नहीं, मनोबल भी बढ़ाना जरूरी : CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों का मनोबल भी मजबूत करना है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान का भाव होना चाहिए, वहीं अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना भी जरूरी है। पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गृह विभाग पर मुख्यमंत्री का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार के ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं और गृह विभाग उनके पास होने के कारण वे इस विभाग पर अन्य विभागों की तुलना में थोड़ा अधिक ध्यान देने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल की आवश्यकताओं, भर्ती, पदोन्नति और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर
बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं के लिए विशेष पुलिस कंपनियों के गठन की घोषणा को आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार और सरकारी सेवा में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं खंडवा में नई पुलिस बटालियन और राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की नई बटालियनों के गठन से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आने वाले समय में इन घोषणाओं को लागू करने के लिए सरकार की ओर से भर्ती नियम, पदों की संख्या, चयन प्रक्रिया और कंपनियों की संरचना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
