मध्य प्रदेश पुलिस में कार्यवाहक पदोन्नत कर्मचारियों को बड़ी राहत: 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मी उच्च पदों पर बने रहेंगे, 383 निरीक्षक बने डीएसपी
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत हजारों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से कार्यवाहक (ऑफिसिएटिंग) पदोन्नति के आधार पर उच्च पदों पर कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों को फिलहाल उनके वर्तमान पदों से नहीं हटाया जाएगा। इस संबंध में मध्य प्रदेश गृह विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन कर्मचारियों को अभी तक नियमित पदोन्नति नहीं मिली है, वे अपने वर्तमान कार्यवाहक पद पर पहले की तरह कार्य करते रहेंगे।
इस फैसले से प्रदेशभर के 15 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ महीनों से नई पदोन्नति नीति लागू होने के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि कई पुलिसकर्मियों को उनके मूल पद पर वापस भेजा जा सकता है। हालांकि, गृह विभाग के नए आदेश ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
कार्यवाहक पदोन्नति पाने वाले पुलिसकर्मी फिलहाल नहीं हटेंगे
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि जिन पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक पदोन्नति के आधार पर उच्च पदों पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है और जिन्हें अभी नियमित पदोन्नति प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें वर्तमान पद से हटाने की कोई कार्रवाई फिलहाल नहीं की जाएगी।
इसका अर्थ यह है कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उसी पद, रैंक और जिम्मेदारी के साथ अपना कार्य जारी रखेंगे, जब तक नियमित पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती या सरकार द्वारा कोई नया निर्देश जारी नहीं किया जाता।
यह निर्णय पुलिस विभाग के प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
383 निरीक्षक और रक्षित निरीक्षकों को मिला नियमित प्रमोशन
मध्य प्रदेश गृह विभाग ने 13 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण पदोन्नति आदेश जारी किया, जिसके तहत कुल 383 निरीक्षकों और रक्षित निरीक्षकों को नियमित रूप से उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया।
इन पदोन्नत अधिकारियों में विभिन्न संवर्गों के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें—
- जिला पुलिस बल के निरीक्षक
- रक्षित निरीक्षक
- विशेष सशस्त्र बल (SAF) कंपनी कमांडर
- कंप्यूटर शाखा के अधिकारी
- रेडियो शाखा
- मेंटेनेंस शाखा के अधिकारी
इन सभी अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमित प्रमोशन आदेश जारी किए गए हैं।
वर्ष 2021 से दी जा रही है कार्यवाहक पदोन्नति
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्ष 2021 से विभिन्न संवर्गों में कार्यवाहक पदोन्नति की व्यवस्था लागू की गई थी। इसका उद्देश्य रिक्त पदों को भरना और पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना था।
इसी व्यवस्था के तहत—
- कॉन्स्टेबल
- हेड कॉन्स्टेबल
- सहायक उप निरीक्षक (ASI)
- उप निरीक्षक (SI)
- निरीक्षक (TI)
जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वर्तमान समय में प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कार्यवाहक पदोन्नति के आधार पर उच्च पदों की वर्दी और अधिकारों के साथ सेवाएं दे रहे हैं।
नई पदोन्नति नीति लागू होने के बाद बढ़ी थी चिंता
प्रदेश सरकार द्वारा नई पदोन्नति नीति 2025 लागू किए जाने के बाद पुलिस विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
कई कर्मचारियों को आशंका थी कि—
- कार्यवाहक पद समाप्त किए जा सकते हैं।
- जिन कर्मचारियों की नियमित पदोन्नति नहीं हुई है, उन्हें मूल पद पर वापस भेजा जा सकता है।
- उच्च पद की जिम्मेदारी और सुविधाएं समाप्त हो सकती हैं।
इसी कारण पूरे प्रदेश में पुलिस कर्मचारियों के बीच इस विषय को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी।
अब गृह विभाग के ताजा आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ऐसी कोई कार्रवाई नहीं होगी और कार्यवाहक पदोन्नति प्राप्त अधिकारी अपने वर्तमान पद पर बने रहेंगे।
पुलिस विभाग के कामकाज पर नहीं पड़ेगा असर
यदि बड़ी संख्या में कार्यवाहक पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को अचानक मूल पद पर भेज दिया जाता, तो पुलिस विभाग के प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता था।
कई थानों, शाखाओं और विशेष इकाइयों में ऐसे अधिकारी कार्यरत हैं जो वर्षों से उच्च पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसलिए सरकार का यह निर्णय पुलिस प्रशासन में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे विभागीय कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और पुलिसिंग व्यवस्था पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रतिनियुक्ति पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी राहत
पुलिस मुख्यालय ने एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश भी जारी किया है, जो प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित है।
आदेश के अनुसार—
- जो पुलिस अधिकारी या कर्मचारी किसी अन्य जिले या विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं,
- उन्हें केवल पदोन्नति प्रक्रिया के लिए उनकी मूल इकाई में वापस नहीं बुलाया जाएगा।
उनकी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया वर्तमान पदस्थापना के दौरान ही पूरी की जाएगी।
इस फैसले से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी राहत मिली है, जो लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं।
अगले कुछ दिनों में 25 हजार पुलिसकर्मियों को मिल सकता है प्रमोशन
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर पदोन्नति प्रक्रिया चल रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में लगभग 25 हजार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर पदोन्नति मिलने की संभावना है।
इसमें कई संवर्ग शामिल हैं, जिनमें—
- निरीक्षक से डीएसपी
- उप निरीक्षक (SI) से निरीक्षक
- सहायक उप निरीक्षक (ASI) से उप निरीक्षक
- हेड कॉन्स्टेबल से ASI
- कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल
जैसे पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है।
निरीक्षक से डीएसपी पदोन्नति की डीपीसी लगभग पूरी
जानकारी के अनुसार निरीक्षक से उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद के लिए लगभग 500 अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों के रिकॉर्ड, वरिष्ठता, सेवा अवधि और गोपनीय चरित्रावली (ACR) के आधार पर पदोन्नति सूची तैयार की गई है।
आने वाले दिनों में इस संबंध में और भी आदेश जारी किए जा सकते हैं।
SI से TI और ASI से SI पदोन्नति प्रक्रिया भी जारी
पुलिस विभाग विभिन्न स्तरों पर एक साथ पदोन्नति प्रक्रिया चला रहा है।
सूत्रों के अनुसार—
- उप निरीक्षक (SI) से निरीक्षक (TI) पद पर पदोन्नति
- सहायक उप निरीक्षक (ASI) से उप निरीक्षक (SI) पद पर पदोन्नति
की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
विभागीय समितियां पात्र अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही हैं।
जिलों से मंगवाई गई गोपनीय चरित्रावली (ACR)
पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों और रेंज कार्यालयों से संबंधित पुलिस कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (Annual Confidential Report – ACR) भी मंगवा ली है।
इन अभिलेखों के आधार पर कर्मचारियों की पात्रता का मूल्यांकन किया जा रहा है।
ACR के साथ-साथ—
- सेवा रिकॉर्ड
- अनुशासनात्मक स्थिति
- वरिष्ठता सूची
- विभागीय परीक्षा
जैसे अन्य मानकों को भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
जिला और रेंज स्तर पर भी जारी हो रहे हैं प्रमोशन आदेश
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद अब जिला और रेंज स्तर पर भी पदोन्नति संबंधी आदेश जारी किए जा रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल
- हेड कॉन्स्टेबल से सहायक उप निरीक्षक (ASI)
पदों पर पदोन्नति शामिल है।
स्थानीय स्तर पर विभागीय समितियां पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही हैं, जिसके बाद प्रमोशन आदेश जारी किए जा रहे हैं।
पुलिस कर्मचारियों में बढ़ा उत्साह
गृह विभाग के ताजा फैसले के बाद प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। लंबे समय से कार्यवाहक पद पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को यह भरोसा मिला है कि उनकी जिम्मेदारियां और वर्तमान पद फिलहाल सुरक्षित हैं।
इसके साथ ही बड़े पैमाने पर चल रही नियमित पदोन्नति प्रक्रिया से हजारों कर्मचारियों के करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। विभागीय स्तर पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में अधिकांश लंबित पदोन्नतियां पूरी कर ली जाएंगी, जिससे पुलिस बल में रिक्त पदों की संख्या भी कम होगी और प्रशासनिक दक्षता में सुधार आएगा।
